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डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर चला बुल्डोजर, 30 करोड़ की जमीन कराई मुक्त

आमका में 15 हजार वर्गमीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त, बिसरख में तीन मकान ध्वस्त
मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में डूब क्षेत्र की जमीन पर हो रही अवैध प्लॉटिंग और कब्जों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने आमका और बिसरख गांव में बुल्डोजर चलाकर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 15 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। 🚜
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों और डूब क्षेत्र में निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने ग्राम आमका के डूब क्षेत्र में स्थित खसरा संख्या 295, 296, 297, 298 और 299 की जमीन पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि कुछ कालोनाइजर यहां अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने की तैयारी कर रहे थे।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि यह जमीन डूब क्षेत्र में आती है, जहां निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। अवैध कब्जे की सूचना मिलने पर प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम चौधरी के नेतृत्व में प्रबंधक रोहित गुप्ता और वर्क सर्किल-2 की टीम मौके पर पहुंची और बुल्डोजर की मदद से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में लगभग 15 हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन की बाजार कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है। बताया जा रहा है कि भूमाफिया इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे, जिसे प्राधिकरण की कार्रवाई ने नाकाम कर दिया।
इसी अभियान के तहत बिसरख गांव के डूब क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। वर्क सर्किल-3 के प्रभारी प्रभात शंकर और मैनेजर प्रशांत समाधिया के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन तीन मकानों को बुल्डोजर से ढहा दिया। यह मकान भी डूब क्षेत्र में बनाए जा रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है।
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी और संबंधित विभागों की टीम मौके पर मौजूद रही, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी वैधता की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कई बार भूमाफिया लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर डूब क्षेत्र या अवैध कॉलोनियों में जमीन बेच देते हैं, जिससे बाद में खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आम नागरिकों को सावधानी बरतते हुए जमीन खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए। ⚠️
प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों और भूमाफियाओं के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा, ताकि शहर में सुनियोजित विकास और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके। 🏗️