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उमंग 2083: सांस्कृतिक चेतना, युवा प्रतिभा और भविष्य के विजन का संगम, 20वें उत्सव का ऐतिहासिक समापन

  
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क में 19 से 22 मार्च 2026 तक आयोजित भारतीय नववर्ष स्वागत उत्सव “उमंग 2083” इस वर्ष अपने 20वें संस्करण में एक नए आयाम के साथ सामने आया। भारत नवनिर्माण ट्रस्ट के अंतर्गत भारतीय पर्व आयोजन समिति द्वारा आयोजित यह चार दिवसीय महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि भारतीय परंपरा, युवा ऊर्जा और भविष्य की योजनाओं का सशक्त संगम बन गया।
साल 2007 में शुरू हुआ यह मेला, जो श्री प्रणीत भाटी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ था, आज एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले चुका है। 20वें संस्करण में इसकी भव्यता, सहभागिता और संगठनात्मक क्षमता ने यह साबित कर दिया कि “उमंग” अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इस वर्ष भी श्री प्रणीत भाटी की अध्यक्षता और सौरभ बंसल के संयोजकत्व में इसे नए प्रयोगों और नवाचारों के साथ आयोजित किया गया।
700 से अधिक प्रतिभाओं ने दिखाया हुनर
इस बार “उमंग 2083” की सबसे बड़ी विशेषता रही—युवा और बाल प्रतिभाओं की व्यापक भागीदारी। लगभग 700 से अधिक बच्चों और युवाओं ने 8 विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। रंगोली, मेंहदी, चित्रकला, “मिले सुर मेरा तुम्हारा” गायन प्रतियोगिता (एकल और समूह), इंद्रधनुष, एकल नृत्य और समूह नृत्य जैसी विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल में शामिल डॉ. कल्पना भूषण, सुपर्णा भूषण सूद, प्रीती चितकम्बले, अतुल गोस्वामी, अर्पिता श्रीवास्तव, पूनम शर्मा, कुसुम गौर, सरोज सिंह, स्वेता, सोनाली धारा, आनंद जी, डॉ. दिव्या और आराधना वर्मा ने सभी प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष और उच्चस्तरीय मूल्यांकन किया, जिससे प्रतियोगिता की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रही।
संस्कृति के रंगों से सजा मंच
चार दिवसीय इस उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीसरे दिन ग्रेटर नोएडा शारदीय सांस्कृतिक समिति ने पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुतियों का सुंदर समन्वय दिखाया, जबकि चौथे दिन नटना तीर्था टेम्पल ऑफ आर्ट (अय्यप्पा सेवा समिति) और उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति ने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर दिया।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी और विविधतापूर्ण हैं, जिन्हें नई पीढ़ी पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है।
सम्मान समारोह में दिखा सामाजिक एकजुटता का भाव
समापन समारोह में क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशोदिया, दादरी विधायक तेजपाल नागर और शिक्षक एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही, विभिन्न RWA, सामाजिक संगठनों, आयोजन समिति के पदाधिकारियों और समन्वयकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
स्वागत अध्यक्ष के रूप में सोविंदर भाटी और गौरव कसाना ने कार्यक्रम की एक दिनी अध्यक्षता कर आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
दो बड़े पुरस्कारों की घोषणा—पत्रकारिता और कला को मिलेगा सम्मान
उमंग 2083” के मंच से इस बार भविष्य की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। प्रो. विवेक कुमार ने दो प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की—
गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार पुरस्कार: हिंदी पत्रकारिता में निर्भीकता, सामाजिक सरोकार और उत्कृष्ट योगदान के लिए हर वर्ष 26 अक्टूबर को दिया जाएगा। इसमें 11,000 रुपये, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाएगा।
स्वामी हरिदास-तानसेन संगीत नृत्य पुरस्कार: शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए यह पुरस्कार भी प्रतिवर्ष दिया जाएगा, जिसमें समान रूप से 11,000 रुपये और सम्मान शामिल होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विजन
कार्यक्रम का सबसे दूरदर्शी पहलू रहा—शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की घोषणा। प्रो. विवेक कुमार ने बताया कि जल्द ही ग्रेटर नोएडा या यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में एक सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विद्यालय भारतीय संस्कृति, गुरुकुल शिक्षा पद्धति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 12वीं तक कौशल-आधारित, रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करेगा।
यह पहल न केवल शिक्षा को व्यावहारिक बनाएगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रतियोगिताओं में उभरी नई प्रतिभाएं
प्रतियोगिताओं के परिणामों में कई नई प्रतिभाएं सामने आईं।
रंगोली में आरती गुप्ता, मेंहदी में लक्ष्मी, चित्रकला में अर्शिया महाजन, गायन में राघवेंद्र सिंह और शिवेन कुलश्रेष्ठ, तथा नृत्य में अर्शिया महाजन और श्रीति महेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूह प्रतियोगिताओं में सुरलय एकेडमी और अन्य संस्थाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों की सराहना बटोरी।
समन्वयकों और कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे समर्पित टीमवर्क की बड़ी भूमिका रही। समन्वयकों में श्रीमती बीना अरोरा, गुड्डी तोमर, संगीता सक्सैना, मीनाक्षी माहेश्वरी, रीना गुप्ता, नेहा, दुर्गेश्वरी सिंह, वंदना, डॉ. आरती शर्मा, किसलय, नेहा श्रीवास्तव, ज्योति सिंह, गुंजन, विनीता शर्मा, माया, रश्मि, नवनीता महेश और रूबी चौहान ने सराहनीय कार्य किया।
निरंतरता और नेतृत्व की पुष्टि
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से वर्ष 2026-27 के लिए श्री प्रणीत भाटी को पुनः अध्यक्ष और सौरभ बंसल को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह निर्णय आयोजन की निरंतर सफलता और मजबूत नेतृत्व का प्रतीक है।
एक उत्सव से बढ़कर—एक आंदोलन
“उमंग 2083” ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन अब केवल मनोरंजन या परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां संस्कृति, शिक्षा, समाज और नवाचार एक साथ मिलकर भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।
इस वर्ष का उमंग उत्सव एक संदेश देकर गया—जब समाज एकजुट होकर संस्कृति और शिक्षा को आगे बढ़ाता है, तो वह केवल उत्सव नहीं मनाता, बल्कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखता है।