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“नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026”: ग्रेटर नोएडा से नारी गरिमा और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त संदेश

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईपीपीटी कॉलेज में “आराध्या एक अहसास फाउंडेशन” के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम “नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026” ने नारी सशक्तिकरण को केवल एक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। यह आयोजन नारी गरिमा, आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में उभरा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डा० बबीता चौहान रहीं। दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिसने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
🔎 विशेष एंगल: नारी सशक्तिकरण को सामाजिक आंदोलन का रूप
अपने ओजस्वी संबोधन में डा० बबीता चौहान ने कहा कि नारी सृष्टि की आधारशिला और सृजन-शक्ति है। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां नारी को “शक्ति-स्वरूपा” और “मातृ-तत्त्व” के रूप में पूजनीय स्थान प्राप्त है, किंतु आधुनिक समाज में कुछ कुरीतियां अब भी उसकी प्रगति में बाधा बन रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव, अशिक्षा और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी समस्याओं का समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता में बदलाव से संभव है।
डा० चौहान ने जोर देकर कहा—
“शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता ही नारी सशक्तिकरण के सशक्त स्तंभ हैं।”
उन्होंने युवतियों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज की नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही है।
🎓 शिक्षा संस्थानों की भूमिका: जागरूकता से नेतृत्व तक
कार्यक्रम ने यह भी स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थान सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख केंद्र होते हैं। आईआईपीपीटी कॉलेज द्वारा इस विषय पर मंच उपलब्ध कराना इस बात का संकेत है कि शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मूल्य निर्माण की दिशा में भी सक्रिय हैं।
कॉलेज के चेयरमैन संजय सुदान एवं डायरेक्टर डा० जितेश खत्री ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संस्था विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम का संचालन सृष्टि चौधरी एवं पृथ्वी मैम ने प्रभावशाली और संतुलित शैली में किया। को-फाउंडर मनीष गुप्ता एवं कुलदीप शर्मा की सक्रिय भूमिका आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण रही।
👩‍🎓 छात्र-छात्राओं की सहभागिता: जागरूक पीढ़ी का संकेत
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि नई पीढ़ी नारी सम्मान और समानता के विषयों के प्रति सजग है। छात्राओं ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाते हैं।
शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामाजिक संवाद का स्वरूप प्रदान किया।
मीडिया एक्जीक्यूटिव भगवत प्रसाद शर्मा, पंकज रावल, संजय सिंह एवं योगेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🌟 निष्कर्ष: सम्मान से सशक्तिकरण, सशक्तिकरण से परिवर्तन
“नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026” केवल एक संगोष्ठी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को जागृत करने का मंच बना। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक नेतृत्व, सामाजिक संगठन और शैक्षणिक संस्थान एक साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो नारी सशक्तिकरण को वास्तविक दिशा मिलती है।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह कार्यक्रम यह संदेश देता है कि नारी सम्मान केवल एक विचार नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास की आधारशिला है।