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गलगोटिया विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 6,656 विद्यार्थियों को मिली डिग्री


🟥 आंधी में झुककर और मजबूत बनना सीखें: चांसलर सुनील गलगोटिया
📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ यीडा सिटी 
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने अपने 10वें दीक्षांत समारोह को भव्य और गरिमामयी आयोजन के साथ संपन्न किया। यह अवसर न केवल विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत का उत्सव बना, बल्कि उनके जीवन के एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत भी साबित हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में उत्साह, गौरव और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां हजारों विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों और शिक्षकों की उपस्थिति में डिग्री प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दी।
कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. ए. एस. किरण कुमार (पूर्व अध्यक्ष, इसरो) ने शिरकत की। उनके साथ मंच पर पद्मश्री उमा शंकर पांडेय (जल संरक्षण विशेषज्ञ), डॉ. आर. जी. अग्रवाल (चेयरमैन एमेरिटस, धनुका एग्रीटेक लिमिटेड), नागेंद्र गोयल (संयुक्त आयुक्त, केंद्रीय विद्यालय संगठन) और विनीत गोयंका (सचिव, सेंटर फॉर नॉलेज सॉवरेनिटी) की उपस्थिति रही।
🎓 शिक्षा से उपलब्धि तक—6,656 विद्यार्थियों का गौरवपूर्ण क्षण
इस दीक्षांत समारोह में कुल 6,656 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें—
73 पीएचडी शोधार्थी, जिन्होंने शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया
3,953 स्नातक विद्यार्थी, जिन्होंने अपने करियर की मजबूत नींव रखी
2,250 स्नातकोत्तर विद्यार्थी, जिन्होंने विशेषज्ञता के साथ आगे बढ़ने की तैयारी की
199 डिप्लोमा धारक
181 इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के विद्यार्थी शामिल रहे
डिग्री प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष स्पष्ट रूप से झलक रहा था, वहीं अभिभावकों के लिए यह गर्व का क्षण था।
🎤 “डिग्री अंत नहीं, नई शुरुआत है” — डॉ. ए. एस. किरण कुमार
मुख्य अतिथि डॉ. किरण कुमार ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा—
“आज आप एक उपलब्धि हासिल कर रहे हैं, लेकिन यह यात्रा का अंत नहीं है। आने वाला समय तेजी से बदलती तकनीक और नवाचार का है। जो लगातार सीखता रहेगा, वही आगे बढ़ेगा।”
उन्होंने छात्रों को विज्ञान, नवाचार और शोध के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
🌳 “चुनौतियों से घबराएं नहीं, उनसे मजबूत बनें” — सुनील गलगोटिया
विश्वविद्यालय के चांसलर सुनील गलगोटिया ने अपने संबोधन में जीवन के संघर्षों को सफलता की सीढ़ी बताया। उन्होंने कहा—
“आंधी में वही पेड़ बचता है जो झुकना जानता है। जीवन में भी कठिन परिस्थितियों के सामने लचीलापन और धैर्य ही आपको आगे बढ़ाता है। हर चुनौती को अवसर में बदलना सीखिए।”
उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के विकास में योगदान देने का भी संदेश दिया।
💧 जल ही जीवन—लेकिन जागरूकता की कमी: उमा शंकर पांडेय
पद्मश्री उमा शंकर पांडेय ने अपने संबोधन में जल संरक्षण की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा—
“आज पानी बचाने की समझ सीमित है, जबकि इसका व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। यदि अभी से जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संकट गहरा सकता है।”
उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
📘 अनुशासन और निरंतरता ही सफलता की कुंजी
डॉ. आर. जी. अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
“नियमित प्रयास, सही सोच और आत्म-नियंत्रण ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।”
💼 मजबूत प्लेसमेंट—1,200+ कंपनियों की भागीदारी
विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर अपने उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड को भी साझा किया। इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट में 1,200 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें Infosys, Cognizant, Accenture, EY, Capgemini जैसी शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल रहीं।
टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और अन्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों को आकर्षक अवसर प्राप्त हुए, जो विश्वविद्यालय की उद्योग से मजबूत कनेक्टिविटी को दर्शाता है।
🌍 वैश्विक रैंकिंग में मजबूत पहचान
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और सुदृढ़ किया है—
QS World University Ranking 2026: 1201–1400 (Global Band)
भारत में शीर्ष निजी विश्वविद्यालयों में 15वां स्थान
सभी विश्वविद्यालयों में 43वां स्थान
NAAC A+ ग्रेड (पहले ही चक्र में)
Times Higher Education Ranking 2025:
भारत में 45वां स्थान
वैश्विक स्तर पर 1001–1200 श्रेणी
यह उपलब्धियां विश्वविद्यालय की गुणवत्ता शिक्षा, शोध और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
🎯 निष्कर्ष (Vision Live Analysis)
गलगोटिया विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन और भविष्य की संभावनाओं का संगम रहा। जिस प्रकार विश्वविद्यालय ने अकादमिक गुणवत्ता, वैश्विक रैंकिंग और प्लेसमेंट के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है, वह इसे उत्तर भारत के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में स्थापित करता है।
Vision Live News का मानना है कि ऐसे दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को भी नई दिशा देते हैं।