BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ग्रेटर नोएडा में MSME सशक्तिकरण की नई पहल: इंटीग्रेटेड वर्कशॉप में उद्योग जगत ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

🔹मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (UPSIC) एवं जिला उद्योग केंद्र, गौतम बुद्ध नगर के संयुक्त तत्वावधान में आज ग्रेटर नोएडा स्थित होटल रेडिसन ब्लू में MSME सशक्तिकरण पर आधारित इंटीग्रेटेड वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर और आसपास के जिलों के उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों और विशेषज्ञों ने बड़े उत्साह और सक्रिय सहभागिता दिखाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे:
Alok Kumar, अपर मुख्य सचिव, MSME, उत्तर प्रदेश सरकार
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे:
Rajkamal Yadav, मैनेजिंग डायरेक्टर, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम एवं अपर आयुक्त, उद्योग
R K भारती, डायरेक्टर MSME, DFO Okhla
कार्यशाला का उद्देश्य MSME उद्यमियों को नीतियों, योजनाओं और तकनीकी अवसरों की व्यापक जानकारी प्रदान करना था, जिससे वे अपने व्यवसाय को सुचारू, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर पर सशक्त बना सकें। इस अवसर पर RAMP प्रोग्राम, नवीन एक्सपोर्ट पॉलिसी, निर्यात को सुगम बनाने की प्रक्रिया, ZED सर्टिफिकेट, MSME सब्सिडी 2022, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित स्किल बिल्डिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की।
Industrial Business Association (IBA), गौतम बुद्ध नगर ने इस वर्कशॉप में सक्रिय भागीदारी निभाई। IBA की ओर से सभी अतिथियों का प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। IBA अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने MSME उद्यमियों की जमीनी समस्याओं और मांगों का ज्ञापन मुख्य अतिथि को सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख मुद्दे शामिल थे:
छोटे और व्यवस्थित औद्योगिक प्लॉट्स की गंभीर कमी, जिससे नए उद्यमियों को उत्पादन विस्तार में बाधा
ई-ऑक्शन प्रक्रिया में छोटे उद्योगों का वंचित होना, जिससे व्यवसाय को सही मूल्य नहीं मिल पाता
लंबे समय से किराये पर चल रही MSME इकाइयों के लिए भूमि की अनुपलब्धता
वर्किंग कैपिटल और आसान, किफायती ऋण की आवश्यकता
बड़े उद्योगों द्वारा समय पर भुगतान न किया जाना
GST रिफंड प्रक्रिया की जटिलता
सिंगल विंडो सिस्टम का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन न होना
कार्यशाला के दौरान IBA ने राज्य स्तर पर औद्योगिक लैंड बैंक/भूमि बैंक की स्थापना, किराये पर चल रही इकाइयों को रियायती दरों और आसान किस्तों पर भूमि उपलब्ध कराने, MSME अधिनियम के तहत 45 दिन की भुगतान समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने और जिला स्तरीय भुगतान विवाद समाधान समिति के प्रभावी संचालन की मांग रखी। इसके अलावा सिंगल विंडो सिस्टम का पूर्ण और पारदर्शी क्रियान्वयन भी प्रमुख मांगों में शामिल था।
IBA महासचिव सुनीलदत्त शर्मा ने कहा कि MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह GDP और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है, कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार सृजित करता है और देश में 7.5 करोड़ से अधिक MSME इकाइयाँ कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उचित नीतिगत समर्थन और तकनीकी उन्नयन के साथ MSME वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित IBA पदाधिकारी और सदस्य:
अध्यक्ष: अमित उपाध्याय
महासचिव: सुनीलदत्त शर्मा
उपाध्यक्ष: कृष्णा शर्मा, पराग अग्रवाल, सुधीर त्यागी, राजेश खन्ना
कोषाध्यक्ष: राकेश अग्रवाल
सदस्य: पंकज कुमार, विमलेश कुमार, पुन्येंद्र घोष, ईशु चौधरी, रवि कुमार
वर्कशॉप के दौरान विभिन्न उद्यमियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और समस्याओं पर गहन चर्चा की। कई व्यवसायियों ने उद्योग विस्तार और डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने की रणनीतियों पर विचार किया। वहीं, सरकारी प्रतिनिधियों ने सुनिश्चित किया कि MSME योजनाओं की जानकारी सिर्फ कागज पर न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
विशेष रूप से, इस वर्कशॉप ने यह संदेश दिया कि MSME सेक्टर की जमीनी समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान करना सरकार और उद्योग जगत का साझा दायित्व है। इस पहल से ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों में छोटे उद्योगों के लिए नया उत्साह, संसाधनों तक बेहतर पहुँच और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा।