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श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न

   Vision Live / दनकौर
 श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में महान समाज सुधारक, वैदिक धर्म के प्रणेता एवं आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बी.सी.ए विभागाध्यक्षा श्रीमती शशि नागर के संयोजन में महाविद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें प्राचार्य, उप-प्राचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि दयानंद सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन, दर्शन और समाज सुधार के लिए किए गए संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कला संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. देवानंद सिंह ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने भारतीय समाज को वैदिक ज्ञान की ओर पुनः उन्मुख करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा, स्त्री-शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हुए अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त आंदोलन चलाया। समाजशास्त्र प्रवक्ता डॉ. राजीव ने अपने संबोधन में कहा कि “वेदों की ओर लौटो” का उनका संदेश आज भी समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच की दिशा प्रदान करता है।
प्राचार्य ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के विचार आज के युवा वर्ग के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे सत्य, शिक्षा, समानता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं तथा नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद का जीवन हमें यह सिखाता है कि दृढ़ संकल्प और सत्यनिष्ठा के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन और विचारों पर आधारित भाषण प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक बन गया। अंत में सभी उपस्थितजनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ युवाओं में नैतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता का संदेश देने में सफल रहा।