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होली के रंगों में घुला सामाजिक समरसता का संदेश: दीपक भैया को सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव का न्योता

Vision Live/  दनकौर
दनकौर में होली से पहले सामाजिक और शैक्षिक सौहार्द की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिली। दनकौर चेयरमैन के प्रतिनिधि, मिलनसार और नेकदिल व्यक्तित्व के लिए पहचान रखने वाले दीपक भैया जी को सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव का औपचारिक निमंत्रण दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य देवदत्त शर्मा तथा प्रबंधन शिक्षा समिति के अध्यक्ष व भाजपा जिला संयोजक (लघु उद्योग प्रकोष्ठ) गौतम बुद्ध नगर एवं रमेश मिष्ठान भंडार के संचालक अनिल गोयल ने भेंट कर उन्हें होली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
शिक्षा और समाज के बीच सेतु का प्रयास
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक निमंत्रण तक सीमित नहीं रही, बल्कि शिक्षा और समाज के बीच मजबूत समन्वय का प्रतीक बनकर उभरी। प्रधानाचार्य देवदत्त शर्मा ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर का वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को मंच देने का अवसर है। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बच्चों का उत्साह बढ़ाती है।
दीपक भैया जी ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा और संस्कार समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने वार्षिक उत्सव में सहभागिता का आश्वासन देते हुए कहा कि वे सदैव शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों में सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।
होली पर सौहार्द और सहयोग का संदेश
होली की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ इस मुलाकात ने क्षेत्र में भाईचारे और सकारात्मक संवाद का संदेश भी दिया। अनिल गोयल ने कहा कि त्योहार केवल रंगों का नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का अवसर होता है। समाज के विभिन्न वर्गों का एक मंच पर आना ही क्षेत्र की प्रगति का आधार है।
विशेष एंगल: “शिक्षा, समाज और जनप्रतिनिधित्व का त्रिवेणी संगम”
दनकौर में हुई यह पहल बताती है कि जब शिक्षा संस्थान, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि एक साथ आते हैं, तो विकास की दिशा और मजबूत होती है। सरस्वती शिशु मंदिर का वार्षिक उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने का माध्यम है।
दीपक भैया जैसे सक्रिय और संवेदनशील जनप्रतिनिधि की सहभागिता इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिक्षा और समाज के मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। होली के अवसर पर यह मुलाकात सामाजिक एकता और सकारात्मक राजनीति का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई।