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केंद्रीय बजट 2026 : विकास की बड़ी योजना या आम जनता को निराशा ?

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा, 1 फरवरी 2026 – संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा आज पेश केंद्रीय बजट 2026 पर ग्रेटर नोएडा में विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
विकास और रोजगार की दिशा में बजट
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने बजट को “समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निर्णायक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, युवाओं, मध्यम वर्ग, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए संतुलित अवसर मौजूद हैं।
विधायक ने विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र और स्थानीय औद्योगिक विकास को रेखांकित किया। उनका कहना है कि बुनियादी ढांचे पर बढ़ता निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन की घोषणाएँ क्षेत्रीय विकास को गति देंगी। उन्होंने बजट को “विकसित भारत 2047 के लिए मील का पत्थर” भी बताया।
विपक्ष का विरोध: आम जनता की निराशा
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि यह बजट महंगाई और बेरोजगारी से राहत पाने की आशाओं को धक्का पहुंचाने वाला है। उनके अनुसार बजट में गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की अनदेखी की गई है और यह केवल भाजपा सरकार के “खास सहयोगियों” के हित में तैयार किया गया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: चुनावी बजट का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि बजट “निम्न और मध्यम वर्ग के लिए छलावा” साबित हुआ है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा केवल वादों तक सीमित रहा। गृहणियों और नौकरीपेशा लोगों को भी कोई राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि यह बजट पूरी तरह चुनावी दृष्टिकोण से तैयार किया गया है, और आम आदमी अपनी आय का लगभग 39% विभिन्न करों के रूप में देता रहेगा।
विशेष एंगल:
इस बजट पर ग्रेटर नोएडा के नेताओं की प्रतिक्रियाएँ यह दर्शाती हैं कि केंद्रीय योजना और स्थानीय जनाकांक्षाएँ अक्सर अलग-अलग दृष्टिकोण से देखी जाती हैं। जबकि विधायक विकास और निवेश के अवसरों की ओर इशारा कर रहे हैं, विपक्ष और कांग्रेस नेता इसे आम जनता के हित के विपरीत बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का बजट न केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज़ है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का भी मुद्दा भी बन गया है।
"विजन लाइव "का विश्लेषण
केंद्रीय बजट 2026 ने ग्रेटर नोएडा में विकास और निवेश की संभावनाओं को उजागर किया है, लेकिन विपक्ष के आरोपों के अनुसार इसकी लाभकारी असरदारियां आम नागरिकों तक पहुँचने में चुनौतियाँ भी हैं।