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नई शुरुआत आस्था के साथ: आईटीएस डेंटल कॉलेज में “माता की चौकी” के जरिए 20वीं बीडीएस और 14वीं एमडीएस बैच का भव्य स्वागत

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
विशेष रिपोर्ट | ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पारंपरिक श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ की गई। 26 फरवरी 2026 को आयोजित “माता की चौकी” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्थान की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बना, जो शिक्षा को संस्कार और संस्कृति से जोड़ती है।
आस्था के संग अकादमिक सफर का आरंभ
आईटीएस एजुकेशन ग्रुप में हर वर्ष नए सत्र के शुभारंभ पर माता रानी के आशीर्वाद से शुरुआत की परंपरा रही है। इसी क्रम में इस वर्ष 20वीं बीडीएस और 14वीं एमडीएस बैच के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के उद्देश्य से भव्य “माता की चौकी” का आयोजन किया गया।
संस्थान परिसर स्थित विवेकानंद हॉल में विशाल पंडाल सजाया गया, जिसमें मां दुर्गा, मां सरस्वती के साथ भगवान राम, कृष्ण, हनुमान, शिव-पार्वती और श्री गणेश की सुंदर प्रतिमाओं से वातावरण भक्तिमय बना दिया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
प्रबंधन, संकाय और परिवारों की सहभागिता
कार्यक्रम में आईटीएस एजुकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. चड्ढा, उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा, श्रुति चड्ढा, सचिव बी.के. अरोड़ा, निदेशक (पब्लिक रिलेशन) सुरेंद्र सूद, संस्थान के प्राचार्य डॉ. सचित आनंद अरोड़ा सहित सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कर्मचारी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि आईटीएस परिवार की सामूहिक आस्था और एकजुटता का उदाहरण बना।
भक्ति संगीत से गूंजा परिसर
प्रसिद्ध बंटी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का गुणगान करते भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मधुर संगीत, श्रद्धा और उत्साह से भरे इस आयोजन ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
प्राचार्य का संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
प्राचार्य डॉ. सचित आनंद अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत मां दुर्गा के आशीर्वाद से करना संस्थान की गौरवशाली परंपरा है। मां शक्ति, साहस और ज्ञान की प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, चुनौतियों का सामना करने और सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।
आरती और प्रसाद के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक आरती में भाग लिया तथा माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद सभी ने एक साथ भोजन कर आपसी सौहार्द और पारिवारिक वातावरण का संदेश दिया।
विशेष एंगल: ‘डेंटल शिक्षा में परंपरा और प्रोफेशनलिज़्म का संगम’
आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धी दौर में जहां मेडिकल और डेंटल शिक्षा तकनीक और रिसर्च पर केंद्रित होती जा रही है, वहीं आईटीएस डेंटल कॉलेज ने यह संदेश दिया कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें नैतिकता, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा का समावेश भी आवश्यक है।
“माता की चौकी” जैसे आयोजन विद्यार्थियों को यह एहसास कराते हैं कि वे केवल एक संस्थान का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार का हिस्सा हैं जहां ज्ञान के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा और आध्यात्मिक मूल्यों के संतुलन का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।