BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

भारतीय ज्ञान प्रणाली से आधुनिक शिक्षा का सेतु — FDP के दूसरे दिन शिक्षाविदों का व्यापक समागम

मौहम्मद इल्यास-"दनकौरी" / गौतमबुद्धनगर
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में आयोजित वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के दूसरे दिन का आयोजन भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के विशेष एंगल के साथ सम्पन्न हुआ। यह सत्र न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि शिक्षकों के लिए जीवन, शोध और शिक्षण पद्धति को समग्र रूप से समझने का मंच भी बना।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सचिव रजनीकांत अग्रवाल एवं प्राचार्य गिरीश कुमार वत्स के कुशल दिशा-निर्देशन में किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
आईक्यूएसी समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आईक्यूएसी समन्वयक) रहीं। उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. सीमा कोहली (रसायन विभाग, एम.एम.एच. कॉलेज, गाजियाबाद) ने “Ayurveda and Indian Knowledge System: A Holistic Approach to Life” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए आयुर्वेद को जीवन जीने की वैज्ञानिक और व्यावहारिक पद्धति बताया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित शिक्षाविद एवं प्रतिभागी
इस अवसर पर अजय गर्ग (प्रधानाचार्य, रतन इंटरनेशनल स्कूल, बुलंदशहर), अजय प्रताप सिंह (मंगलमय कॉलेज, ग्रेटर नोएडा), श्वेता सिंह, सुभाष राय, रविशंकर यादव, मुकेश यादव (ग्लोबल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा), दयानिधि तिवारी (कॉलेज ऑफ एजुकेशन), सुजीत पायल, फिरोज अहमद (पी-एच.डी. स्कॉलर) सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शोधार्थी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सुचारु संचालन में देवानन्द सिंह, अमित नागर, शशी नागर, प्रीति रानी सेन, कोकिल, शिखा रानी, निशा शर्मा, संगीता, नाज़ परवीन, प्रशान्त कन्नौजिया, अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह, सूर्य प्रताप राघव, राजीव उर्फ पिन्टू, नगमा सलमानी, प्रीति शर्मा, रेशा, महीपाल सिंह, चारू, नीतू सिंह, सुनीता शर्मा, हनी शर्मा, अखिल कुमार, रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, मुकुल कुमार शर्मा, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, कमलेश, जगदीश सिंह, मनोज कुमार सहित महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासित रहा। प्रतिभागियों ने इसे भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया।