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नोएडा में मेडिकल इतिहास रचा गया: बिना चीरे गले की दुर्लभ बीमारी का इलाज, दो साल से परेशान मरीज को मिला नया जीवन


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नोएडा एक्सटेंशन 
नोएडा एक्सटेंशन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने चिकित्सा विज्ञान में एक नई मिसाल कायम करते हुए गले की बेहद दुर्लभ बीमारी जेंकर डायवर्टिकुलम का बिना किसी चीरे और बिना निशान के सफल इलाज कर दिखाया है। यह न सिर्फ अस्पताल की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि पूरे नोएडा क्षेत्र के लिए एक मेडिकल ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।
जिस बीमारी में अब तक बड़ी सर्जरी, लंबा बेड रेस्ट और भारी जोखिम जुड़ा होता था, अब वही बीमारी Z-POEM जैसी अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से कुछ ही घंटों में ठीक हो रही है। खास बात यह है कि यह नोएडा की पहली Z-POEM सर्जरी है, जिसने मरीजों के इलाज की दिशा ही बदल दी है।
दो साल तक भटकता रहा मरीज, एक प्रक्रिया ने बदल दी जिंदगी
मरीज पिछले दो वर्षों से निगलने में परेशानी, खाना वापस आना, मुंह से बदबू, वजन गिरना और गले में अजीब आवाज जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। कई अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन बीमारी की सही पहचान नहीं हो सकी। अंततः यथार्थ अस्पताल में जांच के बाद जेंकर डायवर्टिकुलम की पुष्टि हुई और मरीज को Z-POEM तकनीक से इलाज का विकल्प मिला — जो उसके लिए जीवन बदलने वाला साबित हुआ।
बिना चीरे, बिना टांके – आधुनिक चिकित्सा का चमत्कार
Z-POEM तकनीक में मुंह के रास्ते एक पतली एंडोस्कोपिक दूरबीन डालकर उस मांसपेशी को काटा जाता है, जो भोजन के रास्ते में रुकावट पैदा करती है।
इस प्रक्रिया में:
कोई चीरा नहीं
कोई टांका नहीं
कोई बाहरी निशान नहीं
कम दर्द
तेज रिकवरी
प्रक्रिया के कुछ ही घंटों में मरीज को राहत मिली, अगले दिन तरल आहार और तीन दिन में सामान्य भोजन शुरू हो गया।
नोएडा के लिए गर्व का पल
इस जटिल प्रक्रिया को यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स के ग्रुप डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डॉ. कपिल शर्मा ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि,
“Z-POEM तकनीक ने जेंकर डायवर्टिकुलम जैसे रोग के इलाज को सुरक्षित, सरल और स्कार-लेस बना दिया है। अब मरीजों को बड़ी सर्जरी और लंबे अस्पताल प्रवास की जरूरत नहीं पड़ती।”
जनहित का संदेश: सही समय पर जांच, सही इलाज
डॉक्टरों का कहना है कि अगर लंबे समय से निगलने में परेशानी, खाना वापस आना या मुंह से बदबू जैसी शिकायत हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच से ऐसी दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी का इलाज आसानी से संभव है।
यथार्थ अस्पताल: तकनीक + संवेदना का भरोसा
यथार्थ अस्पताल लगातार अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर मरीजों को कम दर्द, कम समय और अधिक सुरक्षित इलाज देने की दिशा में काम कर रहा है। Z-POEM जैसी स्कार-लेस तकनीकें इस बात का प्रमाण हैं कि अब नोएडा और आसपास के मरीजों को बड़े शहरों में भटकने की जरूरत नहीं।