BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ग्रामीण रोज़गार पर संकट के बीच ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की ज़मीन से शुरुआत, जलालपुर बना संघर्ष का केंद्र


 मौहम्मद इल्यास-"दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
जब ग्रामीण भारत में महँगाई, बेरोज़गारी और पलायन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे समय में मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों के बीच दादरी विधानसभा क्षेत्र के जलालपुर गांव से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की औपचारिक शुरुआत ने सियासी और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
इस पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान को केवल एक बैठक नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका की रक्षा के लिए ज़मीनी आंदोलन की पहली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में ग्रामीण मजदूरों की मौजूदगी और उनके सवालों ने यह संकेत दिया कि मनरेगा अब सिर्फ योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अस्तित्व का सवाल बन चुका है।
मनरेगा: योजना नहीं, सम्मान की लड़ाई
बैठक की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता दुष्यन्त नागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा को कमजोर करने का अर्थ है ग्रामीण गरीबों से उनका आत्मसम्मान छीनना। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियमों में बदलाव, भुगतान में देरी और काम के अवसर घटाने से ग्रामीण परिवारों का भविष्य खतरे में है। पंचायत स्तर पर जागरूकता फैलाकर इस साजिश के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
पलायन बनाम रोजगार की जंग
बैठक के संयोजक और जिला सचिव नीतीश चौधरी ने मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने की सबसे प्रभावी योजना बताया। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो इसका सीधा असर किसानों, मजदूरों और गांव की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसी खतरे को देखते हुए दादरी, नोएडा और जेवर क्षेत्र की हर पंचायत में अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है।
आंदोलन की रणनीति तय
जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में पंचायत स्तर की बैठकों को व्यापक जनआंदोलन में बदला जाएगा। इन बैठकों के जरिए ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, मजदूरी भुगतान और काम की गारंटी से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे किसी भी स्तर पर शोषण के खिलाफ आवाज़ उठा सकें।
ग्रामीणों की चिंता, राजनीति से आगे
बैठक में मौजूद मनरेगा श्रमिकों और ग्रामीणों ने भुगतान में देरी, काम न मिलने और ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जटिलता को लेकर नाराज़गी जताई। यह संकेत देता है कि मनरेगा का मुद्दा अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि रोटी, रोज़गार और सम्मान से जुड़ा जनसरोकार बन चुका है।
आगे की राह
बैठक में यह भी घोषणा की गई कि कल सादुल्लापुर में मनरेगा बचाओ संग्राम की अगली पंचायत स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह अभियान आने वाले समय में पश्चिमी यूपी में मनरेगा को लेकर सबसे बड़ा ग्रामीण जनांदोलन बन सकता है।
यदि आप चाहें तो मैं इसे: