BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ग्रेटर नोएडा से ग्लोबल क्लासरूम तक: लॉयड की पहल ने बदली अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की दिशा

🌍  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा, जो अब तक उद्योग, एक्सप्रेसवे और आईटी कॉरिडोर के लिए जाना जाता था, अब तेजी से भारत के नए ग्लोबल एजुकेशन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस बदलाव की मजबूत बुनियाद रखी है लॉयड ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज़ मीट, जिसने भारतीय उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई शक्ति दी है।
यह सम्मेलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा कूटनीति (Education Diplomacy) का जीवंत उदाहरण था, जहाँ 7 देशों के 13 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय एक ही छत के नीचे एकत्र हुए। उद्देश्य साफ था — भारत के छात्रों को वैश्विक अवसरों से सीधे जोड़ना और लॉयड को इंटरनेशनल अकादमिक ब्रिज बनाना।
🏛️ 13 विश्वविद्यालय, 7 देश, एक साझा लक्ष्य — ग्लोबल एजुकेशन
सम्मेलन में भाग लेने वाले विश्वविद्यालय जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, अमेरिका, फ्रांस, दुबई और माल्टा जैसे देशों से आए थे। यह दर्शाता है कि लॉयड अब सिर्फ एक राष्ट्रीय संस्थान नहीं, बल्कि वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा बन चुका है।
विदेशी प्रतिनिधियों ने लॉयड के अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्सेज़ की सराहना की और इसे भारत में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए आदर्श प्लेटफॉर्म बताया।
🎓 डुअल डिग्री और ट्विनिंग प्रोग्राम: छात्रों के लिए गेमचेंजर
सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम रहा डुअल डिग्री, ट्विनिंग प्रोग्राम और सेमेस्टर अब्रॉड मॉडल पर चर्चा। इसका मतलब है कि आने वाले समय में लॉयड के छात्र—
भारत में पढ़ते हुए विदेशी विश्वविद्यालय की डिग्री पा सकेंगे
1 या 2 सेमेस्टर विदेश में पढ़ाई कर सकेंगे
फीस और खर्च में 40–60% तक की बचत कर सकेंगे
वैश्विक मान्यता वाली डिग्री हासिल कर सकेंगे
यह खासकर उन छात्रों के लिए बड़ी राहत है जो आर्थिक कारणों से विदेश नहीं जा पाते थे।
🔬 रिसर्च, इनोवेशन और फैकल्टी एक्सचेंज से बदलेगी शिक्षा की गुणवत्ता
सम्मेलन में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संयुक्त शोध (Joint Research), ग्लोबल इनोवेशन लैब्स, और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी गहन चर्चा हुई। इससे लॉयड के शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिसर्च प्रोजेक्ट्स में शामिल होंगे और छात्रों को वर्ल्ड-क्लास मेंटरशिप मिलेगी।
यह पहल भारत के NEP 2020 के अनुरूप है, जो भारतीय संस्थानों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखती है।
🌐 करियर ग्लोबल, जड़ें भारत में
छात्र संवाद सत्र सम्मेलन का सबसे जीवंत हिस्सा रहा। विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कैसे लॉयड के छात्र—
यूरोप और कनाडा में इंटर्नशिप पा सकते हैं
पोस्ट-स्टडी वर्क वीज़ा के विकल्प समझ सकते हैं
ग्लोबल प्लेसमेंट नेटवर्क से जुड़ सकते हैं
मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं
छात्रों ने इसे “करियर की दिशा बदलने वाला अनुभव” बताया।
🗣️ लॉयड का विज़न: शिक्षा को सीमाओं से मुक्त करना
इस अवसर पर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी ने कहा—
“हम चाहते हैं कि लॉयड का हर छात्र दुनिया के किसी भी कोने में जाकर आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व कर सके। अंतरराष्ट्रीय सहयोग हमारे लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।”
उन्होंने बताया कि लॉयड पहले से ही अमेरिका, फ्रांस, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका के कई विश्वविद्यालयों के साथ सफल साझेदारी चला रहा है और यह नेटवर्क तेजी से विस्तार पा रहा है।
🏙️ ग्रेटर नोएडा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान का लाभ
शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह के आयोजन ग्रेटर नोएडा को एजुकेशन सिटी के रूप में स्थापित करेंगे। इससे—
विदेशी छात्र भारत आएंगे
शैक्षणिक पर्यटन बढ़ेगा
लोकल इकोनॉमी को लाभ मिलेगा
क्षेत्र को वैश्विक पहचान मिलेगी
शिक्षा में आत्मनिर्भरता से वैश्विक नेतृत्व की ओर
लॉयड में आयोजित यह सम्मेलन भारत के लिए एक स्पष्ट संदेश है — अब भारत सिर्फ शिक्षा लेने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा साझेदारी देने वाला देश बन रहा है।
ग्रेटर नोएडा से शुरू हुई यह पहल आने वाले वर्षों में भारतीय उच्च शिक्षा की दिशा बदल सकती है।