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ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सत्यापन को लेकर सपा पूरी तरह अलर्ट:--बूथ से ब्लॉक तक पीडीए प्रहरियों की तैनाती, लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
विशेष न्यूज़ स्टोरी | गौतमबुद्धनगर 
गांव नई बस्ती, जीटी रोड स्थित विजय सिंह पथिक लॉ कॉलेज में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित बैठक को केवल एक नियमित संगठनात्मक कार्यक्रम कहना पर्याप्त नहीं होगा। यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची की शुचिता, पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को लेकर समाजवादी पार्टी की स्पष्ट और आक्रामक रणनीति का संकेत मानी जा रही है। एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर पार्टी ने जमीनी स्तर पर व्यापक निगरानी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
बैठक की अध्यक्षता पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान ने की, जबकि संचालन पूर्व महासचिव जगवीर नम्बरदार ने किया। बैठक में समाजवादी पार्टी के बूथ प्रभारियों, सेक्टर प्रभारियों और पीडीए प्रहरियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से न कटे और न ही किसी फर्जी मतदाता को सूची में शामिल होने दिया जाए।
वोटर लिस्ट को लेकर सपा की स्पष्ट रणनीति
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव मतदाता सूची होती है। यदि मतदाता सूची ही संदिग्ध हो जाए तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने बूथ की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट घर-घर जाकर सत्यापित करनी होगी और किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर संबंधित बीएलओ और निर्वाचन अधिकारियों से समय रहते उसका सुधार कराना होगा।
राजकुमार भाटी ने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर की आड़ में वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की मंशा रखती है, ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इस कथित साजिश को विफल करने के लिए पूरी तरह सतर्क और संगठित है।
भाजपा पर सीधा हमला
पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से मिली करारी हार के बाद भाजपा बौखलाई हुई है। आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखते हुए अब मतदाताओं के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीए प्रहरी केवल संगठनात्मक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सिपाही हैं, जो हर वास्तविक वोटर के अधिकार की रक्षा करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर फर्जी वोटर को सूची में शामिल नहीं होने देगी।
बूथ स्तर पर जिम्मेदारी तय
बैठक में बूथ प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का मिलान घर-घर जाकर करें, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के नाम विशेष रूप से जांचें। साथ ही मृतक मतदाताओं, स्थानांतरित लोगों और डुप्लीकेट एंट्री पर भी नजर रखने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जरूरत पड़ने पर निर्वाचन आयोग और प्रशासन को लिखित आपत्ति दर्ज कराई जाएगी तथा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध भी किया जाएगा।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
बैठक में प्रमुख रूप से राजकुमार भाटी, गजराज नागर, इंद्र प्रधान, सुधीर भाटी, जगवीर नम्बरदार, देवेंद्र टाइगर, रोहित मत्ते गुर्जर, अक्षय चौधरी, जगत खारी, सुनील भाटी, कुलदीप भाटी, विकास भनोता, चमन एडवोकेट, मेहंदी हसन, राजू नम्बरदार, दीपक नागर, दीपक शर्मा, हैप्पी पंडित, विपिन नागर, प्रशांत भाटी, मोहित नागर, अशोक भाटी, रॉबिन इंद्र प्रधान, सोनू प्रधान, चमन मास्टर, जुगती चौधरी, मनोज शर्मा, विपिन सेन, अनिल प्रजापति, अनिल नागर, हरवीर प्रधान, सी.पी. सोलंकी, विनोद लोहिया, विक्रम टाइगर, बाबूराम नागर, अबरार खान, हारुन सैफी, दिगंबर सिंह, डॉ. शशि यादव, विजेंद्र चौहान, हरेंद्र प्रधान, दिनेश कुमार, हरीश खारी, विजय गुर्जर, मनदीप भाटी, सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक संदेश साफ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी अब चुनावी लड़ाई को केवल मंच और रैली तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वोटर लिस्ट को केंद्र में रखकर एक संगठित जन-आंदोलन की ओर बढ़ रही है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सत्यापन को लेकर की गई यह बैठक आने वाले समय में जिले की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है और इसका असर सीधे आगामी विधानसभा चुनाव पर देखने को मिल सकता है।