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श्रीमद्भगवद् गीता से आधुनिक शिक्षा को मिला नया दृष्टिकोण

🔴 श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में FDP का भव्य समापन, भारतीय ज्ञान परंपरा रही केंद्र में
  Vision Live / दनकौर 
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में आयोजित वन वीक ऑफ लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का समापन 24 जनवरी 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। समापन सत्र ने यह संदेश दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के बिना आधुनिक शिक्षा अधूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. दीपक कुमार शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक-शिक्षा विभाग, कु. मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर) ने “Indian Knowledge System with Bhagavad Gita” विषय पर व्याख्यान देते हुए गीता को कर्म, ज्ञान और भक्ति का समन्वित ग्रंथ बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने की तथा उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता विशिष्ट रूप से उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रवीण कटारिया एवं डॉ. यग्गेश कुमार (सहायक आचार्य, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
🎤 मंच संचालन डॉ. शिखा रानी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रश्मि गुप्ता ने प्रस्तुत किया।
📌 कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित शिक्षकगण
डॉ. भारती, डॉ. संजीव कुमार रूहेला, प्रो. उमेश कुमार, नीलम, डॉ. उषा, कु. काजोल, कु. सानिया, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. योगेश कुमार, पवन ठाकुर, सनी चौधरी, गौरव कुमार, डॉ. देवानन्द सिंह, अमित नागर, शशी नागर, डॉ. प्रीति रानी सेन, डॉ. कोकिल, डॉ. निशा शर्मा, डॉ. संगीता रावल, डॉ. अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह, डॉ. सूर्य प्रताप राघव, डॉ. राजीव उर्फ पिन्टू, कु. नगमा सलमानी, प्रीति शर्मा, डॉ. रेशा, महीपाल सिंह, कु. चारू, डॉ. नीतू सिंह, सुनीता शर्मा, हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु. रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रामकुमार शर्मा, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, कमलेश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा पूरे सप्ताह FDP में सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
👉 यह FDP भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।