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सड़कें अब जानलेवा नहीं होंगी: ग्रेटर नोएडा में पहली बार ‘शपथ के साथ सुरक्षा’ अभियान शुरू


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
नोएडा में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने महज़ निर्देश नहीं, बल्कि जवाबदेही वाला एक्शन मॉडल लागू किया है। अब सड़क सुरक्षा सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि मैदानी निरीक्षण, टाइमबाउंड कार्य और शपथ पत्र के साथ लागू होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर शुरू हुआ यह अभियान प्रदेश में अपनी तरह का पहला ऐसा मॉडल है, जिसमें हर वर्क सर्किल को यह लिखित रूप से देना होगा कि उनके क्षेत्र में मौजूद सभी दुर्घटना संभावित स्थान सुरक्षित कर दिए गए हैं। यानी अब गलती की गुंजाइश नहीं, सीधी कार्रवाई तय है।
तीन दिन का अल्टीमेटम, मैदान में उतरे अधिकारी
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव की निगरानी में परियोजना विभाग की टीमें सोमवार से मैदान में उतर चुकी हैं। 130 मीटर रोड, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 जैसे व्यस्त मार्गों पर खुद एसीईओ सुमित यादव ने निरीक्षण कर ब्लैक स्पॉट को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अब सड़कों पर:
शार्प यूटर्न पर बैरिकेडिंग
नालों पर सुरक्षा दीवार
रोड मार्कर, कैट्स आई और रिफ्लेक्टर
संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर
सेंट्रल वर्ज पर रिफ्लेक्टिव पेंट
जैसे इंतज़ाम युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं।
अंधेरा नहीं, लापरवाही नहीं
विद्युत विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सड़क पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए। सभी स्ट्रीट लाइटों का परीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं बिल्डरों को भी निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा मानकों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
पहली बार तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब कोई भी अधिकारी यह नहीं कह सकेगा कि “सूचना नहीं थी।”
हर वर्क सर्किल प्रमुख को शपथ पत्र देकर यह प्रमाणित करना होगा कि उसके क्षेत्र में कोई भी सड़क या ब्लैक स्पॉट जानलेवा नहीं है। लापरवाही मिलने पर सीधी कार्रवाई तय है।
प्रशासन का संदेश साफ: सड़क पर जान नहीं जाएगी
प्राधिकरण का यह कदम सिर्फ एक हादसे की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने की ठोस रणनीति है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे मॉडल के रूप में अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
👉 ग्रेटर नोएडा अब सिर्फ स्मार्ट सिटी नहीं, सुरक्षित सिटी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।