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सचल दल व्यवस्था खत्म करने के प्रस्ताव को लेकर अनिल गोयल ने किया स्वागत


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
भारतीय जनता पार्टी के गौतमबुद्ध नगर जिला संयोजक (लघु उद्योग प्रकोष्ठ) अनिल गोयल ने राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी की सचल दल व्यवस्था को समाप्त करने की तैयारी को व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई से ईमानदार व्यापारियों को राहत मिलेगी और अनावश्यक उत्पीड़न पर प्रभावी रोक लगेगी।
राज्य कर विभाग अपनी मौजूदा सचल दल इकाइयों को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब सड़कों पर कहीं भी मालवाहक वाहनों को रोककर कागजात की ऑन-स्पॉट जांच नहीं की जाएगी। इसके बजाय विभाग जीएसटी चोरी से संबंधित इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ही कार्रवाई करेगा।
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने ग्रेड-2 के सभी अपर आयुक्तों से सचल दल इकाइयों की उपयोगिता, गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन करते हुए इंटेलिजेंस आधारित कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। विभाग का उद्देश्य कर चोरी पर नियंत्रण के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता लाना है।
गौरतलब है कि सचल दल इकाइयों को अब तक फील्ड में किसी भी स्थान पर किसी भी मालवाहक वाहन को रोककर जांच का अधिकार प्राप्त था। लेकिन इस व्यवस्था को लेकर व्यापारियों द्वारा उत्पीड़न और अनावश्यक हस्तक्षेप की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए विभाग ऑन-स्पॉट चेकिंग व्यवस्था समाप्त करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
अनिल गोयल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार व्यापारियों एवं लघु उद्योगों के हित में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही हैं। यह निर्णय ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मजबूत करेगा और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटेलिजेंस आधारित मॉडल लागू होने से जीएसटी चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ व्यापारिक समुदाय और कर विभाग के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा।