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मनरेगा बचाओ संग्राम’: सादुल्लापुर से उठा ग्रामीण अधिकारों का स्वर, कांग्रेस ने केंद्र की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा

  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
दादरी विधानसभा क्षेत्र के सादुल्लापुर गांव में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के अधिकारों की सामूहिक आवाज बनकर सामने आया। गांव की चौपाल पर जुटे मनरेगा श्रमिक, किसान, महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि इस बात को लेकर मुखर दिखे कि अगर मनरेगा कमजोर हुई, तो गांव की अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूट जाएगी।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य साफ था—ग्रामीण जनता को यह समझाना कि मनरेगा सिर्फ 100 दिन के रोजगार की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आजीविका की गारंटी है। कार्यक्रम के संयोजक बिसरख ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय नागर और अध्यक्षता कर रहे रतनपाल दरोगा के नेतृत्व में यह आयोजन एक जन-जागरण मंच में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “मनरेगा देश के करोड़ों गरीब परिवारों की जीवनरेखा है, लेकिन बजट कटौती, भुगतान में देरी और इसके स्वरूप में बदलाव कर भाजपा सरकार इसे धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है। ‘जी राम जी’ जैसे प्रयोग मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सीधा प्रहार हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने तक गांव-गांव संघर्ष करेगी।
ब्लॉक अध्यक्ष विजय नागर ने मनरेगा बचाओ संग्राम को “ग्रामीण गरीबों के अधिकारों की लड़ाई” करार देते हुए ऐलान किया कि दादरी विधानसभा के हर गांव और पंचायत में इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि मजदूर अपने अधिकारों को पहचान सकें और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हो सकें।
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही। जिला उपाध्यक्ष निशा शर्मा ने महिला मनरेगा लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे मनरेगा के मूल प्रावधानों में किए जा रहे बदलावों का संगठित होकर विरोध करें, क्योंकि सबसे अधिक असर इन्हीं पर पड़ता है। वहीं जिला उपाध्यक्ष नीरज लोहिया ने साफ कहा कि “कांग्रेस पार्टी गरीबों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगी, जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक आंदोलन होगा।”
जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि आने वाले 15 दिनों तक पूरे जनपद में लगातार मनरेगा बचाओ संग्राम के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और अगला कार्यक्रम जेवर विधानसभा के नीमका गांव में होगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और जनपद स्तर पर एक व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
सादुल्लापुर में आयोजित यह कार्यक्रम साफ संकेत देता है कि मनरेगा को लेकर ग्रामीण इलाकों में असंतोष गहराता जा रहा है और मनरेगा बचाओ संग्राम अब केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।