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निषाद पार्टी की जमीनी मजबूती और सामाजिक समन्वय का संदेश: सहारनपुर मंडल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक नई रणनीति

       मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ सहारनपुर 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सहारनपुर मंडल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंडल, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुर्जर वीरेंद्र डाढा ने निषाद पार्टी की एकजुटता, सामाजिक संतुलन और साझा राजनीतिक लक्ष्य पर विशेष जोर दिया।
निषाद पार्टी की मजबूती में कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
वीरेंद्र डाढा ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में निषाद पार्टी की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पिछड़े और मेहनतकश वर्ग की आवाज़ को मजबूती देने का काम निषाद पार्टी कर रही है और इसके लिए हर स्तर के कार्यकर्ताओं का सक्रिय रहना बेहद जरूरी है।
कार्यकर्ता ही निषाद पार्टी की असली ताकत”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निषाद पार्टी की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है। जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी तभी आगे बढ़ेगी, जब हर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जनता के बीच काम करेगा।
बूथ स्तर पर निषाद पार्टी की सक्रियता, जनसंपर्क होगा तेज
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में बूथ स्तर पर निषाद पार्टी की गतिविधियों को और तेज किया जाएगा। गांव-गांव और मोहल्ला-मोहल्ला जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम जनता की समस्याओं को सुना जा सके और उन्हें निषाद पार्टी के मंच तक पहुंचाया जा सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए निषाद पार्टी की नई कार्ययोजना
इस बैठक को केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि निषाद पार्टी के लिए एक नई रणनीतिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सहारनपुर मंडल के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों और मंडलों में भी इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिससे निषाद पार्टी का नेटवर्क और अधिक मजबूत हो सके।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह और नई ऊर्जा
बैठक के बाद निषाद पार्टी के जिला व ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व द्वारा सीधे संवाद और स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने से उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है।
साफ संदेश: निषाद पार्टी एकजुट होकर उतरेगी मैदान में
सहारनपुर मंडल की यह बैठक इस बात का संकेत मानी जा रही है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी अब पूरी तैयारी, सामाजिक समन्वय और मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।
वीरेंद्र डाढा का संदेश साफ था—“निषाद पार्टी की ताकत जनता में है और जनता की ताकत निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में।”
यह बैठक आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों में निषाद पार्टी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने वाली मानी जा रही है।
सहारनपुर में निषाद पार्टी मंडल स्तरीय बैठक में 13 जनवरी को लखनऊ में संकल्प दिवस मनाने का आह्वान
बैठक को संबोधित करते हुए गुर्जर वीरेंद्र डाढा ने कहा कि 13 जनवरी को लखनऊ में निषाद पार्टी द्वारा संकल्प दिवस मनाया जाएगा, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी गरीब, कमजोर और शोषित वर्गों की आवाज बनकर उन्हें शोषण से बचाने और उनके अधिकार दिलाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने देश की आजादी में निषाद समाज के बलिदान को याद करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में निषाद समाज के देशभक्तों ने नावों के माध्यम से अंग्रेजों द्वारा लूटे जा रहे सोना-चांदी को ले जा रही नावों को कानपुर घाट पर डुबोकर अंग्रेजों को मार गिराया, जिसके बाद अंग्रेजों ने कई निषाद समाज के वीरों को फांसी दी।
इसी प्रकार 1857 की क्रांति में धन सिंह कोतवाल ने मेरठ से अंग्रेजों को खदेड़ने का कार्य किया, जिसके चलते अंग्रेजों ने उन्हें भी फांसी दी।
गुर्जर वीरेंद्र डाढा ने कहा कि आजादी के बाद भी इन समाजों को वास्तविक अधिकार मिलने में वर्षों लग गए। निषाद पार्टी ऐसे सभी शोषित और वंचित समाजों को उनका संवैधानिक हक दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
बैठक में पूर्व मंत्री उदयवीर कश्यप, जय भगवान कश्यप, राकेश सैनी, प्रदीप कश्यप, ऋषिपाल सांसी सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया।