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हिंडन के डूब क्षेत्र पर निर्णायक वार: हैबतपुर में 6,000 वर्ग मीटर अवैध निर्माण ध्वस्त, ग्रेनो प्राधिकरण ने कॉलोनाइजर माफिया की कमर तोड़ी


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार को अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। हैबतपुर गांव में फैले अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलाकर करीब 6,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ अवैध कॉलोनी बसाने की साजिश को नाकाम किया, बल्कि उन लोगों को भी स्पष्ट चेतावनी दे दी, जो नियमों को दरकिनार कर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
डूब क्षेत्र में कॉलोनी बसाने की पूरी साजिश बेनकाब
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, हैबतपुर के खसरा संख्या 280 और 287 में सुनियोजित तरीके से प्लॉटिंग की जा रही थी। सड़कें काटी जा चुकी थीं, सीमांकन कर दिया गया था और कुछ जगहों पर निर्माण भी शुरू हो चुका था।
यह पूरा क्षेत्र हिंडन नदी का डूब क्षेत्र है, जहां बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में कॉलोनी बसाना सीधे तौर पर मानव जीवन, पर्यावरण और शहरी व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
एनजीटी के आदेश, फिर भी जारी था अवैध खेल
हिंडन डूब क्षेत्र में निर्माण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा सख्त रोक लगी हुई है। इसके बावजूद कालोनाइजर लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे थे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा:
“डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि भविष्य में बड़े संकट को न्योता देने जैसा है। प्राधिकरण एनजीटी के आदेशों का कड़ाई से पालन कर रहा है और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
दो घंटे तक चला बुल्डोजर, प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय
परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 की टीम ने प्राधिकरण पुलिस के साथ मिलकर यह अभियान चलाया।
करीब दो घंटे तक लगातार बुल्डोजर चलाकर प्लॉटिंग, अस्थायी निर्माण, चारदीवारी और सड़कनुमा ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
इस दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
अभियान का नेतृत्व
वर्क सर्किल-3 प्रभारी: राजेश कुमार निम
प्रबंधक: रोहित गुप्ता
परियोजना विभाग की टीम और प्राधिकरण पुलिस
ने संयुक्त रूप से किया।
बार-बार चेतावनी के बाद मजबूरन हुई कार्रवाई
प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना ए.के. सिंह ने बताया कि अवैध निर्माणकर्ताओं को पहले कई बार रोका गया, नोटिस दिए गए और काम बंद करने के निर्देश भी जारी हुए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी रखा गया।
उन्होंने कहा:
“जब नियमों को लगातार चुनौती दी गई, तब प्राधिकरण को कड़ा कदम उठाना पड़ा।”
जनहित में बड़ा संदेश: अवैध कॉलोनी में निवेश मतलब संकट को न्योता
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट की खरीद से पहले भूलेख विभाग से जांच अवश्य कराएं।
डूब क्षेत्र में खरीदी गई जमीन पर:
मकान बनाना अवैध होगा
रजिस्ट्री होने के बावजूद मकान टूट सकता है
मुआवजा या राहत नहीं मिलेगी
पूरा पैसा डूब सकता है
क्यों बेहद जरूरी थी यह कार्रवाई? (विश्लेषण)
1. पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई
डूब क्षेत्र प्राकृतिक जल निकासी के लिए होता है। यहां निर्माण से बाढ़ और जलभराव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
2. शहर की भविष्य सुरक्षा
ग्रेटर नोएडा तेजी से बढ़ता शहर है। अगर डूब क्षेत्र खत्म हुआ तो आने वाले वर्षों में शहर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो सकता है।
3. कॉलोनाइजर माफिया पर प्रहार
यह कार्रवाई उन माफियाओं के लिए सीधा संदेश है, जो भोले-भाले लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर फंसाते हैं।
4. प्राधिकरण की जीरो टॉलरेंस नीति
अब यह साफ है कि बिना नक्शा पास, बिना अनुमति और अधिसूचित क्षेत्र में निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा।
आगे भी चलेगा अभियान
प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई एक शुरुआत है।
हिंडन, यमुना और अन्य डूब क्षेत्रों में चिन्हित अवैध निर्माणों पर आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश
“कानून से ऊपर कोई नहीं। डूब क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों को हर हाल में हटाया जाएगा।”