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बजट 2026 से पहले गूँजी अन्नदाता की पीड़ा


किसान, टोल, शिक्षा और इलाज की महंगाई पर चौ. शौकत अली चेची का सरकार को सीधा संदेश
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
नई दिल्ली | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
फरवरी 2026 में लोकसभा में पेश होने वाले आम बजट से पहले देश की राजनीति में किसान और आम जनता के मुद्दों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में किसान एकता (संघ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग उत्तर प्रदेश सचिव चौ. शौकत अली चेची ने दिल्ली में फतेहपुर से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद नरेश उत्तम पटेल से मुलाकात कर चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक ज्ञापन नहीं थी, बल्कि देश की 85% आबादी की आर्थिक पीड़ा का दस्तावेज थी, जिसमें किसान से लेकर वाहन मालिक, छात्र, अभिभावक और मरीज—सभी की समस्याएं शामिल रहीं।
विशेष एंगल: बजट 2026 बनाम ज़मीनी हकीकत
चौ. शौकत अली चेची ने साफ कहा कि—
“देश कृषि प्रधान है, लेकिन अन्नदाता सबसे ज्यादा उपेक्षित है। किसान जिस दर्द के साथ रात को सोता है, उसी दर्द के साथ सुबह उठता है।”
उन्होंने बताया कि 2014 के बाद महंगाई, नीति और निजीकरण ने किसान और आम आदमी को चारों ओर से घेर लिया है।
1️⃣ किसान संकट: कर्ज़, आत्महत्या और खेती से मोहभंग
चेची ने आंकड़ों के साथ सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए—
2014 से पहले किसानों पर कर्ज़: ₹7 लाख करोड़
अब किसानों पर कर्ज़: ₹25 लाख करोड़ से अधिक
प्रति किसान औसत कर्ज़: ₹1.40 लाख
प्रति दिन किसान की शुद्ध आय: ₹29
हर साल औसतन 12,000 किसान आत्महत्या
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि लगभग 60% किसान खेती छोड़ना चाहता है। कारण साफ है—
डीजल, पेट्रोल, बिजली, खाद, बीज, दवाइयाँ, कृषि यंत्र, मजदूरी, किराया और भाड़ा सब कुछ महंगा है, लेकिन किसान की फसल का दाम नहीं।
नकली बीज और दवाइयाँ खुलेआम बिक रही हैं। आवारा पशु, ओलावृष्टि, बाढ़ और बरसात से हर साल ₹14 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान होता है, लेकिन मुआवजा नाममात्र का मिलता है।
👉 चेची का साफ कहना था:
“₹6000 की सम्मान निधि देना और जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण करना किसान के साथ भद्दा मजाक है। जल-जंगल-जमीन पर तानाशाही कब्जा किया जा रहा है।”
2️⃣ टोल टैक्स: सड़क नहीं, वसूली का जाल
NHAI की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेची ने कहा कि—
60 किमी की जगह 30 किमी पर टोल प्लाजा
हर साल 6% टोल बढ़ोतरी
FASTag पर छूट, लेकिन कैश पर दोगुना चार्ज
एक्सेल ट्रकों से ₹5000 से ज्यादा टोल
भारत में करीब 5000 टोल बूथ
उन्होंने बताया कि 2021 में NHAI पर ₹5 लाख करोड़ का कर्ज़ था, जो अब लगभग ₹2.5 लाख करोड़ है, जबकि टोल वसूली ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है।
20 किमी के दायरे में रहने वालों को टोल फ्री की सुविधा सिर्फ कागजों में है। 1033 हेल्पलाइन पर 15 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज होने के बावजूद हालात जस के तस हैं।
👉 सबसे बड़ा सवाल:
जब वाहन खरीदते समय रोड टैक्स, इंश्योरेंस, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लिया जाता है, तो फिर आम आदमी से बार-बार टोल क्यों?
3️⃣ शिक्षा: पढ़ाई बनती जा रही है अमीरों की जागीर
चेची ने शिक्षा व्यवस्था को “आम आदमी विरोधी” बताते हुए कहा—
शिक्षा महंगाई औसतन 6%, प्राइवेट स्कूलों में 15%
फीस, किताब, स्टेशनरी, ट्यूशन मिलाकर खर्च
₹10,000 से ₹50,000 सालाना
एडमिशन के नाम पर भारी डोनेशन
25% आरक्षण में बड़े पैमाने पर घोटाले
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विदेशों में ₹27 लाख में MBBS हो जाती है, तो भारत में वही डिग्री करोड़ों में क्यों?
4️⃣ इलाज: बीमारी अब सबसे बड़ा आर्थिक खतरा
चिकित्सा महंगाई पर चेची ने कहा—
सालाना इजाफा: 16%
दवाइयाँ, जांच, डॉक्टर फीस: 30%–75% तक महंगी
3000 से ज्यादा दवाओं के दाम बढ़े
बीमा का लाभ सिर्फ 6% जनता को
सरकारी अस्पताल कमजोर और निजी अस्पताल मुनाफाखोरी के केंद्र बन चुके हैं। ईमानदार दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई होती है, लेकिन महंगी और नकली दवाइयाँ बनाने वाली कंपनियों पर राजनीतिक संरक्षण है।
मुलाकात में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान—
राजू बैसला
साकिब चौधरी
बिटिया शुबुल अली चेची
भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बजट 2026 में इन मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की।
सांसद नरेश उत्तम पटेल का आश्वासन
सांसद नरेश उत्तम पटेल ने कहा—
“ये मांगें पूरी तरह जायज हैं। इन्हें संसद में मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।”
गौतम बुद्ध नगर की राजनीति और संगठन से जुड़े मुद्दों पर हुई लगभग 30 मिनट की चर्चा के बाद सांसद ने भरोसा दिलाया कि इन बिंदुओं को मा. अखिलेश यादव जी के समक्ष रखा जाएगा।
विशेष निष्कर्ष
यह लड़ाई सिर्फ किसान की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है जिसकी कमाई महंगाई, टोल, शिक्षा और इलाज में खत्म हो जाती है।
अगर बजट 2026 में इन मुद्दों को नजरअंदाज किया गया, तो इसका राजनीतिक और सामाजिक असर दूर तक जाएगा।
अन्नदाता मजबूत होगा, तभी देश मजबूत होगा।
अगर आप चाहें तो मैं इसे