BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी साहित्यिक सांस्कृतिक महोत्सव के विशिष्ट अतिथि होगें डॉ जनार्दन सिंह


असलम परवेज /देवरिया 
हुगली, पश्चिम बंगाल : भोजपुरी साहित्य विकास मंच की ओर से आगामी 26 दिसंबर 2025 को 12 वां अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक सांस्कृतिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है जिसका केंद्रीय थीम "नारी सशक्तिकरण  : समग्र विकास की ओर बढ़ते कदम" है। इस संगोष्ठी प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में नेपाल से नेपाली भोजपुरी शिक्षाविद् विजय किशोर पांडे, हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नंदिनी साहु, अमेरिका से मनीषा पाठक और विशिष्ट अतिथि के रुप में चीन से  प्रो. विवेक मणि त्रिपाठी रहेंगे। जबकि द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में अरबी-फारसी -भोजपुरी के प्रसिद्ध सुफी गजलकार प्रो जौहर सफियावादी और विशिष्ट अतिथि अमित ग्रुप आफ कालेजेज की प्राचार्य डॉ कालिंदी त्रिपाठी सहित प्रवर समिति के अध्यक्ष डॉ सुधाकर तिवारी, उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ रामानुज द्विवेदी, पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे, रास बिहारी गिरि, सुनील सिंह, जतीन शुक्ला, केंद्रीय संगठन मंत्री राम बहादुर राय, राष्ट्रीय जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ शैलेश सिंह (दरभंगा), महिला विंग के अध्यक्ष प्रिया श्रीवास्तव रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विमलेश त्रिपाठी करेंगे। मंच के महासचिव प्रकाश प्रियांशु ने बताया कि बगैर मातृभाषा के विकास के किसी भी देश का विकास संभव नहीं। हमारी संस्था भोजपुरी के साथ साथ   तमाम भारतीयों की मातृभाषा का समान महत्व देती है। भोजपुरी एक वैश्विक भाषा है जिसे भारत सहित पूरी दुनिया में 22 से 25 करोड़ लिखते पढ़ते बोलते हैं लेकिन अपने ही देश में संवैधानिक मान्यता नहीं। संगोष्ठी में  बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से भोजपुरी, हिंदी, बांग्ला, तमिल, तेलुगू, छतीसगढ़ी, मैथिली आदि भाषा के सैकड़ों प्रोफेसर, शिक्षाविद्, साहित्यकार, विद्वान,शोधार्थी, विद्यार्थी, समाज सेवी सहित प्रसिद्ध भोजपुरी लोक गायक रतन ओझा (शांतिनिकेतन), रंजना श्रीवास्तव (आकाशवाणी वाराणसी), हैपी श्रीवास्तव (छपरा) शामिल हो रहे हैं। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष ने अधिसूचित किया कि इस अवसर पर संस्था की ओर साहित्य के लिए बलिया के प्रसिद्ध भोजपुरी कवि एवं विद्वान राम बहादुर राय को 'भोजपुरी के मान्यता देईं ए सरकार' पर "बृज नंदन तिवारी स्मृति सम्मान",  भोजपुरी लोकगीत के संवर्धन हेतु प्रसिद्ध लोक गायक रतन कुमार ओझा को "राधा मोहन चौबे लोकगीत सम्मान" एवं दो विशिष्ट सम्मान ऐतिहासिक आलोचना एवं कला वादन के क्षेत्र में दिया जाएगा।