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कदम–ताल से कर्तव्य पथ तक: शारदा विश्वविद्यालय की बेटियों ने एनसीसी में रचा नया इतिहास

   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स ने यह साबित कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, अनुशासन जीवन का हिस्सा हो और लक्ष्य राष्ट्रसेवा हो—तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है। 31 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी की दो कैडेट्स, सीनियर अंडर ऑफिसर (SUO) निकिता झा और जूनियर अंडर ऑफिसर (JUO) खुशी भारद्वाज, का राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शिविरों में चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे विश्वविद्यालय, एनसीसी यूनिट और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।
कर्तव्य पथ की ओर बढ़ते कदम
SUO निकिता झा का चयन रिपब्लिक डे कैंप (RDC) 2026 के लिए हुआ है—जो एनसीसी का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित शिविर माना जाता है। यहाँ चयन केवल शारीरिक दक्षता का नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और उत्कृष्ट ड्रिल का भी इम्तिहान होता है। कर्तव्य पथ पर देश के सामने परेड करना हर कैडेट का सपना होता है, और निकिता ने इसे अपने अथक परिश्रम, अनुकरणीय अनुशासन और नेतृत्व से साकार किया है। उनका चयन यह संदेश देता है कि आज की छात्राएँ हर मोर्चे पर अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम हैं।
सैन्य मूल्यों की पाठशाला में शारदा की पहचान
वहीं JUO खुशी भारद्वाज का चयन आर्मी डे कैंप 2026, जयपुर के लिए हुआ है, जहाँ वे 15 जनवरी को शारदा विश्वविद्यालय और 31 यूपी गर्ल्स बटालियन का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह शिविर कैडेट्स को सैन्य जीवन की बारीकियों, टीम वर्क, अनुशासन और औपचारिक उत्कृष्टता से परिचित कराता है। खुशी का चयन उनके समर्पण, उत्साह और टीम भावना का प्रमाण है, जो उन्हें एक सशक्त कैडेट के रूप में स्थापित करता है।
नेतृत्व, अनुशासन और प्रेरणा की त्रिवेणी
एनसीसी एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. यशोधरा राज ने इसे शारदा विश्वविद्यालय के लिए “गौरव का स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य कैडेट्स के लिए प्रेरणा बनेगी। यह सफलता दर्शाती है कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि अनुशासित, आत्मविश्वासी और राष्ट्र के लिए तत्पर युवा नेतृत्व तैयार करने के अपने संकल्प पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
संदेश साफ है
शारदा विश्वविद्यालय की इन बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि एनसीसी केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास और राष्ट्रसेवा का सशक्त मंच है। कर्तव्य पथ से लेकर सैन्य शिविरों तक, उनकी यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के कैडेट्स के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी—और यह भरोसा भी कि भारत का भविष्य सक्षम, अनुशासित और दृढ़ संकल्पित हाथों में है।