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अमर शहीद ऊधम सिंह जयंती पर दादरी में गूँजी राष्ट्रभक्ति की ओजस्वी स्वरधारा


राष्ट्रचेतना से ओत-प्रोत विराट कवि सम्मेलन ने रचा ऐतिहासिक क्षण
     Vision Live / ग्रेटर नोएडा
अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह जी की 126वीं जयंती के पावन अवसर पर दादरी (ग्रेटर नोएडा) स्थित सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल के भव्य प्रांगण में “अपना अधिकार जनहित समिति (रजि.)” के तत्वावधान में एक विराट, ऐतिहासिक एवं राष्ट्रचेतना से परिपूर्ण कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन काव्य, क्रांति और संस्कृति का एक अनुपम त्रिवेणी संगम बनकर उभरा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात देश के प्रतिष्ठित कवियों एवं कवयित्रियों ने वीर रस, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और बलिदान की भावना से ओत-प्रोत काव्य पाठ प्रस्तुत कर अमर बलिदानी ऊधम सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कविताओं ने श्रोताओं के हृदय में देशभक्ति की प्रखर चेतना जाग्रत कर दी और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट अभिषेक मैत्रेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कवि सम्मेलन में मनोज गर्ग, सुधीर वत्स, मुकेश दक्ष, ज्योति उपाध्याय, सरला मिश्रा, वैष्णवी जी, वी.पी. वशिष्ठ, भगवत प्रसाद शर्मा, अली हसन मकरेडिया, दक्ष आरोही, यश दीप कौशिक, पंकज राणा, विजय विकास तथा नन्हे कवि ने अपनी सशक्त, भावप्रवण एवं ओजस्वी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस गरिमामयी आयोजन की अध्यक्षता बार काउंसिल अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सतेंद्र शिक्षोदिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दादरी विधायक तेजपाल नागर, नगर पालिका अध्यक्ष गीता पंडित सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, चिकित्सक, व्यापारी संगठन, पत्रकार एवं नगर के विशिष्ट नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्हें समिति द्वारा सम्मानित भी किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या आशा शर्मा एवं निदेशक संदीप शर्मा ने इस आयोजन को विद्यालय एवं दादरी नगर के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक भव्य, अनुशासित एवं प्रेरणास्पद सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।
समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, साहित्यिक गरिमा और सामाजिक एकता का एक स्मरणीय प्रतीक बनकर उभरा।