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ग्रेटर नोएडा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित करने हेतु प्राधिकरण–विश्वविद्यालय की साझेदारी पर मुहर

40,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल लीज पर उपलब्ध — इंडो–ऑस्ट्रेलियन उच्च शिक्षा संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत

  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नई दिल्ली

 ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में पहली विदेशी यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (WSU) के साथ औपचारिक रूप से पार्टनरशिप समझौता किया। इस सहयोग के साथ ग्रेटर नोएडा को वैश्विक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन मिला है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न—उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों का पसंदीदा केंद्र बनाने—को नई गति देगा।

नई दिल्ली स्थित आईटीसी मौर्या होटल में आयोजित कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत की उच्च शिक्षा जगत के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से सीईओ एन.जी. रवि कुमार के नेतृत्व में कैंपस स्थापना के लिए हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, हायर एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी एम.पी. अग्रवाल, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. जॉर्ज विलियम्स, प्रोवोस्ट प्रो. डेबोरा स्वीनी, डेलॉइट के डायरेक्टर अरविंद गुप्ता एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव शामिल रहे।

ग्रेनो प्राधिकरण परिसर में 40,000 वर्ग फुट में बनेगा नया कैंपस

प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय को 40,000 वर्ग फुट क्षेत्र लीज पर उपलब्ध कराया है। यह कैंपस एआई, सस्टेनेबिलिटी, कृषि, जल प्रबंधन, डेटा साइंस, बिजनेस इनोवेशन और इंडस्ट्री–इंटीग्रेशन आधारित ग्लोबल टीचिंग तथा रिसर्च को बढ़ावा देगा।

पहले चरण में बिजनेस एनालिटिक्स, डेटा साइंस, मार्केटिंग, सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स और एग्रीकल्चर जैसी प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
दूसरे चरण में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सप्लाई चेन मैनेजमेंट से जुड़े पाठ्यक्रम आरंभ होंगे।

सीनियर अधिकारियों ने कही महत्वपूर्ण बातें

अवनीश अवस्थी, सलाहकार, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ने कहा—
“उत्तर प्रदेश तेजी से शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उभर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी का यहां आना हमारे विकास मॉडल पर दुनिया के भरोसे का प्रमाण है। यह कैंपस युवा प्रतिभाओं, खासकर बेटियों के लिए वैश्विक अवसरों का नया मार्ग खोलेगा। उत्तर प्रदेश जब एक ट्रिलियन–डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है, ऐसे सहयोग भविष्य की स्किल्ड कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा—
“ग्रेटर नोएडा पहले ही टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का मजबूत हब बन चुका है। इस कैंपस की स्थापना युवाओं की आकांक्षाओं और अवसरों के बीच मौजूद अंतर को कम करेगी। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की मौजूदगी एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और उभरती तकनीकों में वैश्विक विशेषज्ञता लाएगी। इससे रिसर्च, स्किल–डेवलपमेंट और इंडस्ट्री–कोलेबोरेशन को नई दिशा मिलेगी।”

ग्रेनो बनेगा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का नया केंद्र

इस प्रोजेक्ट से ग्रेटर नोएडा को एक पसंदीदा ग्लोबल एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करने में अभूतपूर्व गति मिलेगी। साथ ही यह साझेदारी स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और उद्योग–उन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी।