BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर 28.30 लाख रुपये का जुर्माना


      मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सख्ती से लागू करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान के तहत छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर कुल 28.30 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सीधे तौर पर उन संस्थानों और आवासीय परिसरों के लिए चेतावनी मानी जा रही है, जो नियमों के बावजूद कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं कर रहे हैं।

प्राधिकरण के सीईओ एन. जी. रवि कुमार के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाना है। इसी क्रम में एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. की अध्यक्षता में 15 वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की गई, जिसमें प्रधान महाप्रबंधक से लेकर सहायक प्रबंधक स्तर तक के अधिकारी शामिल थे।

19 परिसरों का औचक निरीक्षण, छह जगह मिली गंभीर खामियां

समिति ने शहर के विभिन्न सेक्टरों और क्षेत्रों में स्थित 19 बल्क वेस्ट जनरेटरों के परिसरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई स्थानों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। कहीं कचरे का सेग्रीगेशन नहीं किया जा रहा था, तो कहीं गीले-सूखे कचरे को एक साथ डंप किया जा रहा था। कुछ परिसरों में कचरा खुले में पड़ा मिला, जिससे दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका पाई गई।

जांच में दोषी पाए गए छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर मौके पर ही पेनल्टी की कार्रवाई की गई।

इन पर लगा जुर्माना

प्राधिकरण द्वारा जिन बल्क वेस्ट जनरेटरों पर जुर्माना लगाया गया, उनमें—

  • चेरी काउंटी पर ₹50,000
  • अजनारा ली गार्डन पर ₹2,01,600
  • ला रेजीडेंसिया पर ₹8,06,400
  • मेफेयर रेजीडेंसी पर ₹6,44,000
  • वेदांतम रेडीकॉन पर ₹3,22,000
  • राधा स्काई गार्डन पर ₹8,06,400

कुल मिलाकर इन सभी पर 28.30 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

नियम क्या कहते हैं?

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 के अनुसार, जिन संस्थानों, आवासीय परिसरों या व्यावसायिक इकाइयों का क्षेत्रफल 5000 वर्ग मीटर से अधिक है या जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें अपने परिसर में ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना अनिवार्य है। इसके तहत गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, कंपोस्टिंग और रीसाइक्लिंग जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं।

एसीईओ की सख्त चेतावनी

एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में भी किसी बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा नियमों की अनदेखी की गई, तो और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कूड़ा प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी स्तर पर लापरवाही या कार्रवाई में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित प्राधिकरण अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई तय है।

शहरवासियों से अपील

प्राधिकरण ने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों और शहरवासियों से अपील की है कि कचरा इधर-उधर न फेंकें, गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग करें और अपने परिसर में ही उसका निस्तारण सुनिश्चित करें। स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

यह कार्रवाई आने वाले समय में शहर में स्वच्छता नियमों के सख्त पालन का संकेत मानी जा रही है और यह तय माना जा रहा है कि प्राधिकरण आगे भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रखेगा।