BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने समाज के सर्वांगीण उत्थान का लिया संकल्प


राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद “विजन लाइव” न्यूज से खास बातचीत में चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता समाज को जागरूक करना और शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। इसके लिए नए कोचिंग सेंटर खुलवाने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और समाज की नई पीढ़ी को मुख्य धारा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्र के निर्माण और विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908) की आम बैठक में पूर्व मंत्री चौधरी हरिश्चंद्र भाटी को सर्वसम्मति से महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। इस निर्णय के साथ ही गुर्जर समाज में उत्साह और नई उम्मीदों का संचार हुआ है। इससे पहले जब डॉ. यशवीर सिंह गुर्जर राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उस समय चौधरी हरिश्चंद्र भाटी कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभालते हुए समाज को एकजुट करने, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक-शैक्षिक विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहे।
चौधरी हरिश्चंद्र भाटी का सामाजिक और राजनीतिक सफर प्रेरणादायक रहा है। बुलंदशहर जनपद के सिकंदराबाद क्षेत्र के फरीदपुर गांव से निकलकर उन्होंने गौतम बुद्ध नगर में सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार में वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रह चुके हैं।
यदि उनके राजनीतिक जीवन पर नजर डालें तो वर्ष 1998 में वे नोएडा महानगर भाजपा अध्यक्ष बने, 2001 में गौतम बुद्ध नगर भाजपा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली, 2003 में भाजपा के मेरठ प्रांत प्रभारी रहे और बाद में भाजपा उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बने। वर्तमान में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की कोर कमेटी का सदस्य भी मनोनीत किया गया है, जो उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद “विजन लाइव” न्यूज से खास बातचीत में चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता समाज को जागरूक करना और शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। इसके लिए नए कोचिंग सेंटर खुलवाने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और समाज की नई पीढ़ी को मुख्य धारा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्र के निर्माण और विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास वीरता, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से भरा हुआ है। सरदार वल्लभभाई पटेल, शहीद विजय सिंह पथिक, 1857 की क्रांति के अग्रदूत धन सिंह कोतवाल, रामप्यारी गुजरी, मां पन्नाधाय, स्व. राजेश पायलट, रामचंद्र विकल, पूर्व मंत्री स्व. तेज सिंह, पूर्व विधायक स्व. महेंद्र भाटी, पूर्व मंत्री बाबू चौधरी हुकम सिंह जैसे असंख्य स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रनायक गुर्जर समाज की गौरवशाली पहचान हैं। महासभा की प्रमुख मांग रहेगी कि इन सभी महापुरुषों और बलिदानियों की वीर गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
इसके साथ ही अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908) के तत्वाधान में इन महापुरुषों की जयंती, वीरगाथाओं और स्मृतियों को साझा करने के लिए सेमिनार, विचार गोष्ठी और अन्य कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ले सके।
चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने यह भी स्पष्ट किया कि महासभा कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित देश के सुदूरवर्ती इलाकों में बसे गुर्जर समाज, वन गुर्जरों और बकरवाल गुर्जरों के उत्थान और विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी। इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर समाज को मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चौधरी हरिश्चंद्र भाटी की नियुक्ति को गुर्जर समाज के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है, जहां संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ शिक्षा, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता पर विशेष जोर रहेगा।