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किसान मसीहा स्व. चौधरी चरण सिंह की 123 वीं जयंती पर विशेष

भारत के पांचवें प्रधानमंत्री किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की 123वीं जयंती पर शत शत नमन एवं सच्ची श्रद्धांजलि
चौधरी शौकत अली चेची
चौधरी चरण सिंह जी का जन्म 23 दिसंबर 1902 को जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता चौधरी मीर सिंह जी और माता नेत्रकौर जी ने उन्हें नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी। चौधरी चरण सिंह जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में प्राप्त की और बाद में आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा प्राप्त की।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

चौधरी चरण सिंह जी ने महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने 1930 में नमक सत्याग्रह में भाग लिया और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी सक्रिय रहे। उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।

राजनीतिक जीवन

चौधरी चरण सिंह जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और बाद में भारत के पांचवें प्रधानमंत्री बने। उन्होंने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जैसे कि जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और भूमि संरक्षण कानून का पारित होना।

किसान हितैषी नीतियाँ

चौधरी चरण सिंह जी ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण नीतियाँ बनाईं। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना की और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए काम किया।

विरासत

चौधरी चरण सिंह जी की विरासत आज भी जीवित है। उनके बेटे चौधरी अजीत सिंह जी ने राष्ट्रीय लोक दल के नाम से पार्टी बनाई और उनके पोते जयंत चौधरी जी वर्तमान में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।

निष्कर्ष

चौधरी चरण सिंह जी एक महान नेता थे जिन्होंने किसानों के हित में काम किया। उनकी जयंती पर हम उन्हें शत शत नमन करते हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।
लेखक का परिचय

चौधरी शौकत अली चेची राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान एकता (संघ) एवं पिछड़ा वर्ग उo प्रo (सपा) हैं।

कानूनी डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। लेखक और प्रकाशक का उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है। इस आर्टिकल में व्यक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं और यह आवश्यक नहीं है कि वे प्रकाशक के विचारों से मेल खाते हों।