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जीबीयू के इतिहास विभाग में “जलवायु परिवर्तन और मानव समाज” विषय पर व्याख्यान


       ✍️ मौहम्मद इल्यास – “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत इतिहास विभाग द्वारा आज “जलवायु परिवर्तन और मानव समाज” विषय पर एक सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने मानव सभ्यता और पर्यावरणीय परिवर्तनों के गहरे संबंध पर विस्तृत चर्चा की।


🔹 कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत विधि से

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
उद्घाटन सत्र में माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, मुख्य वक्ता प्रो. विपुल सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय),
डीन प्रो. बंधना पांडे (मानविकी संकाय) तथा डॉ. रितिका जोशी (प्रमुख, इतिहास विभाग) उपस्थित रहीं।


🔹 कुलपति ने पर्यावरणीय इतिहास पर डाला प्रकाश

अपने उद्घाटन संबोधन में कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने प्राचीन पारिस्थितिक संतुलन और वर्तमान पर्यावरणीय संकट की तुलना करते हुए कहा कि
“मानव विकास की गति जितनी तीव्र हुई, उतनी ही तेजी से पर्यावरण असंतुलन भी बढ़ा।”
उन्होंने हिरोशिमा-नागासाकी विस्फोटों से उत्पन्न दुष्प्रभावों और हरित क्रांति के बाद हुए पारिस्थितिक परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए
प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।


🔹 प्रो. विपुल सिंह बोले — जलवायु और इतिहास का अटूट संबंध

मुख्य वक्ता प्रो. विपुल सिंह ने जलवायु परिवर्तन को मानव इतिहास का स्थायी साथी बताते हुए कहा कि
“सूर्य की सक्रियता में बदलाव तो सदियों से होता आया है, परंतु आज जैसी विनाशकारी परिस्थितियाँ पहले कभी नहीं बनीं।
वर्तमान संकट का मूल कारण अंधाधुंध विकास, वृक्षों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन है।”
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।


🔹 “जहाँ लोग हैं, वहीं सभ्यता है” — डीन प्रो. बंधना पांडे

डीन प्रो. बंधना पांडे ने कहा कि हमारी संस्कृति सदैव प्रकृति के प्रति संवेदनशील रही है।
उन्होंने वृक्षों को “वातावरण को शुद्ध करने वाला प्राकृतिक स्रोत” बताते हुए कहा कि
“जहाँ लोग हैं, वहीं सभ्यता है, और सभ्यता तभी सुरक्षित है जब पर्यावरण सुरक्षित है।”


🔹 नई व्याख्यान श्रृंखला की शुरुआत

इतिहास विभाग की अध्यक्षा डॉ. रितिका जोशी ने बताया कि यह व्याख्यान विभाग द्वारा शुरू की जा रही नई “व्याख्यान श्रृंखला” का पहला आयोजन है।
अब प्रत्येक माह विभिन्न विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों में ज्ञानवृद्धि, संवाद कौशल और सामाजिक चेतना विकसित होगी।


🔹 कार्यक्रम का सफल संचालन

कार्यक्रम का संचालन झलक और साक्षी ने किया, जबकि समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विभाग के सभी प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।