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गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती पर विशेष


Vision Live / ग्रेटर नोएडा

सिख पंथ के प्रथम गुरु और महान समाज-दार्शनिक गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती पर देशभर में श्रद्धा, शांति और सेवा के संदेशों के साथ प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुद्वारों में अखंड पाठ, कीर्तन, शोभायात्राएँ और लंगर का आयोजन किया जा रहा है। गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मानवता, एकता और समानता के मूल्यों को पुनः जागृत करने का दिन माना जाता है।


गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1469 (कार्तिक पूर्णिमा) को तलवंडी राय भोई, वर्तमान ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में हुआ। उन्होंने एकेश्वरवाद, सत्य, करुणा, श्रम की प्रतिष्ठा और मानव समानता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ "सच्चा बोलो, सेवा करो, नाम जपो" आज भी समाज को नैतिक दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने जाति, सम्प्रदाय और संकीर्णता से ऊपर उठकर वैश्विक मानव धर्म की स्थापना की। उनके द्वारा प्रारंभ की गई लंगर परंपरा ने सामाजिक समानता को मूर्त रूप दिया।

गुरु नानक देव जी ने चार प्रमुख उदासियाँ कीं और लगभग तीस वर्षों तक भारत समेत अनेक देशों की यात्रा कर धार्मिक संवाद, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार किया। उन्होंने गृहस्थ जीवन जीते हुए आध्यात्मिकता का मार्ग प्रस्तुत किया और अंत में करतारपुर साहिब में संगत को संगठनात्मक रूप देते हुए अपना जीवन लोककल्याण को समर्पित किया।

उसी पावन धारा में तलवंडी के मुखिया रहे राय बुलार भट्टी ने बचपन से ही उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व को पहचाना और उन्हें संरक्षण प्रदान किया। गुरु जी के परम सखा भाई मरदाना और भाई बाला सदैव उनके साथ रहे, जिन्होंने सेवा, समर्पण और संगत की मिसाल प्रस्तुत की।

आज देशभर में प्रकाश पर्व पर श्रद्धालु विशेष अर्पण कर रहे हैं। वर्ष 2019 में खोला गया करतारपुर कॉरिडोर, गुरु नानक के अनुयायियों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बना है। इस अवसर पर लोग समाज में सद्भाव, सेवा, और मानवीय करुणा को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं।


इस अवसर पर चौधरी शौकत अली चेची, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान एकता (संघ) एवं पिछड़ा वर्ग उत्तर प्रदेश सचिव (सपा), ने देशवासियों को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी का उपदेश मानवता के पथ का दीपक है। समाज को आज उनकी वाणी में निहित सदाचार, शांति, सत्य और समानता को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक का संदेश आज भी विश्व को प्रेम और न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।

गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ राष्ट्र और मानवता के लिए मार्गदर्शक बनी रहें, इसी मंगलकामना के साथ प्रकाश पर्व सम्पूर्ण विश्व में उल्लास और पवित्रता के साथ मनाया जा रहा है।