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ICIRIPAS 2025 : फार्मा शिक्षा और शोध में नवाचार पर जोर


 Vision Live/ ग्रेटर नोएडा

एच.आई.एम.टी. कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी, ग्रेटर नोएडा में आयोजित “International Conference on Integrating Research & Industry in Pharmaceutical & Allied Sciences (ICIRIPAS-2025)” के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने फार्मेसी शिक्षा, शोध एवं पारंपरिक औषधियों के महत्व पर गहन मंथन किया। दो दिवसीय ICIRIPAS 2025 ने फार्मा शिक्षा और उद्योग को जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा दी है। यह सम्मेलन न केवल शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय फार्मा सेक्टर की पहचान को भी और मजबूत बनाएगा।

फार्मेसी शिक्षा और उद्योग के नए आयाम

दूसरे दिन का मुख्य विषय रहा – “Regulatory, Educational and Allied Dimensions in Pharma & Allied Sciences”

  • राकेश पी. श्रीवास्तव (बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड, देहरादून) ने 21वीं सदी में फार्मेसी पेशे की बदलती चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
  • मोनिका अरोड़ा (विला कॉलेज, मालदीव) ने व्यक्तिगत चिकित्सा की भूमिका पर व्याख्यान दिया।
  • पोस्टर व मौखिक प्रस्तुति सत्रों में शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने अपने नवीन शोध कार्य प्रस्तुत किए।

नवाचार और पारंपरिक ज्ञान का संगम

  • राहुल प्रताप सिंह (जी.डी. गोयंका विश्वविद्यालय, गुरुग्राम) ने “Pharma 5.0: Driving Innovation Through Integrated Research Models” विषय पर विचार रखे।
  • प्रदीप सिंह (कॉलेज ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़, इथियोपिया) ने एथ्नोबॉटनी और उद्योग के बीच सेतु पर अपने अनुभव साझा किए।
  • शोवकत आर. मीर (जामिया हमदर्द, नई दिल्ली) ने औषधीय पौधों की पारंपरिक उपयोगिता और आधुनिक शोध में उनके महत्व को रेखांकित किया।

संस्थान प्रबंधन की प्रतिक्रियाएं

  • चेयरमैन, एच. एस. बंसल“शिक्षा और उद्योग का यह साझा मंच नवाचार की रफ्तार कई गुना बढ़ा रहा है।”
  • सेक्रेटरी, अनिल बंसल“हमारे प्रयास छात्रों और शोधकर्ताओं को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़ने में सफल रहे हैं।”
  • ज्वाइंट सेक्रेटरी, अनमोल बंसल“विद्यार्थियों की रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़ते देखना गर्व की बात है।”
  • ग्रुप डायरेक्टर, सुधीर कुमार“यह सम्मेलन उद्योग-अकादमिक साझेदारी और रोजगारपरक शोध की दिशा में मील का पत्थर है।”
  • डायरेक्टर, अनुज मित्तल“यह आयोजन केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा बल्कि ठोस समाधान-उन्मुख सुझाव सामने आए।”

सम्मेलन का समापन

समापन सत्र में प्रमाण पत्र वितरण किया गया और विनोद गहलोत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।