BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ग्रेटर नोएडा में बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति 2025 का भव्य प्रचार-प्रसार कार्यक्रम आयोजित






📌 मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा 
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति 2025 के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से शुक्रवार को नॉलेज पार्क-2 स्थित गार्डेन विस्टा में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका स्वागत पेइंग गेस्ट हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन नोएडा (पंजीकृत) के अध्यक्ष विशेष त्यागी ने किया।

कार्यक्रम में सैकड़ों होटल व्यवसायियों, ट्रैवल ट्रेड से जुड़े उद्यमियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। मंच संचालन ब्रह्मपाल नागर ने किया, जबकि नीति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत द्वारा किया गया।

पर्यटन अधिकारी ने बताया कि नई नीति के तहत भवन स्वामियों के लिए तीन श्रेणियों में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है—

बेड एंड ब्रेकफास्ट : अधिकतम 6 कमरे या 12 बेड तक, भवन स्वामी का निवास अनिवार्य नहीं।

होमस्टे : भवन स्वामी का निवास अनिवार्य होगा।

रूरल होमस्टे : केवल ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी, जिससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इस मौके पर दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर ने कहा कि “होमस्टे और पीजी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से हर तरह की सहूलियतें दिलवाई जाएंगी। इन सभी मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा और सदन में पर्यटन नीति को बढ़ावा देने के लिए जरूरी प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे। गौतमबुद्ध नगर, जो उत्तर प्रदेश का शो विंडो माना जाता है, वहां होमस्टे और पीजी मालिकों के हितों की रक्षा की जाएगी और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।”

वहीं, पेइंग गेस्ट हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन नोएडा (पंजीकृत) के अध्यक्ष विशेष त्यागी ने कहा कि “होमस्टे के अलावा 50 अथवा 100 से अधिक कमरों वाले पेइंग गेस्ट हाउस के लिए सरकार द्वारा बनाए जा रहे दिशा-निर्देश और नियम कानून को पूरा करने के लिए शीघ्र ही सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।”

पर्यटन अधिकारी ने यह भी बताया कि यह नीति न केवल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, परंपरागत जीवनशैली और स्थानीय व्यंजनों को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि पर्यटकों को किफायती एवं सुविधाजनक आवास विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। साथ ही, यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनेगी।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि यह नीति प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।