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जी.एन. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2025 का भव्य आगाज़



📰 स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2025 का भव्य आगाज़ जी.एन. ग्रुप में

✨ नवाचार और तकनीक का महाकुंभ, 64 टीमों ने दिखाया हुनर
मौहम्मद इल्यास-"दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा। जी.एन. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में 16 सितम्बर को स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH) 2025 का संस्थान स्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और जोश के साथ आरंभ हुआ। यह 24 घंटे का विशेष आयोजन है, जिसमें छात्र-छात्राएँ टीम वर्क और तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के अभिनव समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री की पहल, युवाओं का मंच

स्मार्ट इंडिया हैकथॉन भारत सरकार की एक अनूठी राष्ट्रीय पहल है, जिसका संचालन माननीय प्रधानमंत्री के संरक्षण में किया जा रहा है। इसे विश्व का सबसे बड़ा ओपन इनोवेशन मॉडल माना जाता है। इसके माध्यम से छात्र विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी विभागों और उद्योगों से जुड़ी जटिल समस्याओं का समाधान खोजते हैं। यह प्रतियोगिता युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करती है।

उद्घाटन समारोह में उमड़ा उत्साह

कार्यक्रम का शुभारंभ जी.एन. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन बी.एल. गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि—
“आज के युवा सिर्फ सपने देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें साकार करने की क्षमता भी रखते हैं। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन उन्हें देश के लिए नई दिशा देने का अवसर देता है।”

गुप्ता ने विजेता टीम के लिए ₹51,000 का नगद पुरस्कार देने की घोषणा कर छात्रों में और जोश भर दिया।
छात्र ही राष्ट्र के भविष्य निर्माता

संस्थान के निदेशक डॉ. सोमेंद्र शुक्ला ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा,
“हमारे विद्यार्थियों में ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जिसे वे प्राप्त न कर सकें। यह हैकथॉन उनके लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर है।”

तकनीकी कौशल और नवाचार का संगम

इस बार 64 टीमों ने संस्थान स्तरीय हैकथॉन में भाग लिया है। सभी टीमों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट्स के जरिये रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान की क्षमता और तकनीकी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

हैकथॉन का उद्देश्य छात्रों को इस स्तर तक तैयार करना है कि वे उद्योग, शिक्षा और समाज के बीच सेतु का काम कर सकें।
चेयरमैन गुप्ता ने कहा कि—
“यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। आने वाले समय में ये छात्र ही देश को तकनीकी रूप से सशक्त और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे।”

समापन की प्रतीक्षा

यह 24 घंटे का मैराथन आयोजन 17 सितम्बर को संपन्न होगा। समापन समारोह में विजेता टीम को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।