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श्री रविन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित


🙏 श्री रविन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में आयोजित हुआ स्मृति आयोजन

  Vision Live | दनकौर

श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में आज भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के महान प्रेरणास्रोत गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कॉलेज प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स द्वारा रविन्द्रनाथ टैगोर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए टैगोर के जीवन, दर्शन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला।

प्राचार्य डॉ. वत्स ने बताया कि

"रविन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को हुआ था और उनका देहावसान 7 अगस्त 1941 को हुआ। वे न केवल भारत के, बल्कि समूचे एशिया के पहले साहित्यकार थे जिन्हें वर्ष 1913 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।"

उन्होंने कहा कि टैगोर ने 'जन गण मन' जैसे राष्ट्रगान की रचना कर देश को एकता के सूत्र में बांधा। उनकी कविताएं, उपन्यास, नाटक, गीत और शिक्षण दर्शन आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं।

"गुरुदेव का मानना था कि मनुष्य तभी तक जीवित रहता है, जब तक वह सीखता और सृजन करता रहता है। उनका विश्व बोध आधारित शिक्षा-दर्शन आज के युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।"

कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज के समस्त प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं ने टैगोर के जीवन दर्शन और कृतित्व पर अपने विचार साझा किए। सभी ने मिलकर गुरुदेव को साहित्य, शिक्षा और मानवता के प्रतीक के रूप में नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सहभागिता भी सराहनीय रही, जिन्होंने टैगोर की कविताओं एवं शिक्षाओं पर आधारित विचार प्रस्तुत किए और उनके योगदान को स्मरण किया।

यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि सभा था, बल्कि गुरुदेव के विचारों को आत्मसात करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास भी था।