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जीएन ग्रुप्स ऑफ इंस्टीट्यूशंस में “विकसित भारत 2047 और हम” पुस्तक का विमोचन






    मौहम्मद इल्यास – “दनकौरी”/  ग्रेटर नोएडा
ग्राम पाठशाला के मोटीवेटर लाल बहार द्वारा लिखित पुस्तक “विकसित भारत – 2047 और हम” का भव्य विमोचन जीएन ग्रुप्स ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में किया गया।

इस अवसर पर मंच पर अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी, बिट्टू कसाना, अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता नागर, लोक गायक ब्रह्मपाल नागर, गुर्जर विद्या सभा के उपाध्यक्ष देवेंद्र टाइगर एडवोकेट, रोजगार विद अंकित (मोटीवेटर अंकित भाटी) तथा किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विकास जतन प्रधान ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए और लेखक को शुभकामनाएँ दीं।

✒️ विशिष्ट अतिथियों का उद्बोधन

👉 पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी ने कहा –
"भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार होगा जब हम शिक्षा, ग्रामीण विकास और युवा सशक्तिकरण पर गंभीरता से कार्य करेंगे। लाल बहार की यह पुस्तक नई पीढ़ी को सही दिशा देने का कार्य करेगी।"

👉 बबीता नागर (अंतरराष्ट्रीय पहलवान) ने कहा –
"युवाओं को अपने लक्ष्य तय करने चाहिए और कठिन परिश्रम के साथ राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए। यह पुस्तक युवाओं को आत्मविश्वास और प्रेरणा देगी।"

👉 ब्रह्मपाल नागर (लोक गायक) ने कहा –
"भारत की संस्कृति और परंपरा ही हमें शक्ति देती है। अगर हम अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिकता को अपनाएँ तो 2047 तक भारत अवश्य विकसित राष्ट्र बनेगा।"

👉 डॉ. विकास जतन प्रधान ने कहा –
"किसान, मजदूर और युवा मिलकर ही भारत को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं। यह पुस्तक सामूहिक चेतना को जगाने का कार्य करेगी।"

👉 रोजगार विद अंकित (मोटीवेटर अंकित भाटी) ने कहा –
"आज की सबसे बड़ी चुनौती युवाओं का रोजगार है। यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता और इनोवेशन को प्राथमिकता देनी होगी। लाल बहार की यह पुस्तक युवाओं को न सिर्फ़ प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें अपने सपनों को साकार करने का मार्ग भी दिखाएगी।"


✒️ लेखक लाल बहार का उद्बोधन

👉 लेखक लाल बहार ने कहा –
"यह पुस्तक मेरे सपनों का दस्तावेज़ है। इसमें मैंने उन विचारों को संजोया है जो भारत को 2047 तक विकसित बनाने में सहायक हो सकते हैं। मेरा मानना है कि अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और शिक्षा, रोजगार, अनुशासन व राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे, तो भारत निश्चित रूप से विश्व पटल पर सबसे अग्रणी राष्ट्र बनेगा।"

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी और स्थानीय लोग भी शामिल हुए।
सभी ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को “विकसित भारत” की दिशा में सोचने और योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।

कार्यक्रम के अंत में जीएन ग्रुप्स ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन किशन लाल गुप्ता ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में मील का पत्थर साबित होंगे।