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दनकौर में किसानों की महापंचायत, देर रात अधिकारियों संग हुई वार्ता


किसानों की 9 सूत्रीय मांगों पर आंदोलन, रात 11:30 बजे स्थगित हुआ अनिश्चितकालीन धरना

– मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ गौतमबुद्धनगर
किसान एकता महासंघ के बैनर तले बुधवार को दनकौर स्थित सालारपुर अंडरपास पर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक बाली सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कसाना के नेतृत्व में आयोजित इस पंचायत की अध्यक्षता चौधरी धन्नी सिंह भाटी मल्हपुर ने की, जबकि संचालन अरविंद सेक्रेटरी ने किया।

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेंद्र चौहान के अनुसार, सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान अंडरपास पर जुटने लगे थे। पंचायत की शुरुआत 11 बजे हुई और शाम 6 बजे तक किसानों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जनसभा जारी रखी। इस दौरान यमुना प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में नाराज़गी देखी गई। किसानों ने महापंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर दिया।

देर रात करीब 10:30 बजे यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह और पुलिस प्रशासन की ओर से एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार तथा एडिशनल डीसीपी मनीष मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एक घंटे तक चली बैठक में किसानों की 9 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें आबादी निस्तारण, बैक लीज, 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं जैसी अहम मांगें शामिल थीं।

अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि इन मुद्दों पर 11 अगस्त को यमुना प्राधिकरण सभागार में सीईओ राकेश कुमार से सीधी वार्ता कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद अधिकारियों के विशेष अनुरोध पर रात 11:30 बजे धरना अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया।

इस मौके पर किसान नेताओं सहित हज़ारों की संख्या में किसान मौजूद रहे, जिनमें हरवीर नागर, राजवीर ठेकेदार, इंद्रपाल सिंह, नीरज सरपंच, रवि नागर, प्रभु नागर, जग्गी पहलवान, नरेश चपरगढ़, डॉ. जाफर खान, अमित नागर, सावित्री देवी, मांगेराम, कर्मवीर भाटी, नूरुल, समीम, अजय कुमार (हापुड़), जितेंद्र चौधरी, रॉबिन चौधरी, संजीव बालियान, रजपाल भगत, नेपाल सिंह, बलजीत ठेकेदार जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे।

यह महापंचायत एक बार फिर किसानों की एकता, संघर्ष और अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरी है, जो आगामी वार्ता तक नए आंदोलन की पृष्ठभूमि तय कर रही है।