गलगोटियाज कॉलेज में “एंटीना इंजीनियरिंग व स्वास्थ्य तकनीक” पर आयोजित एआईसीटीई-प्रायोजित एफडीपी सम्पन्न
देशभर के 40 से अधिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने लिया भाग, रक्षा तकनीक का भी किया अवलोकन
मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” | ग्रेटर नोएडा
गलगोटियाज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में 30 जून से 5 जुलाई तक “अगली पीढ़ी की स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों के लिए एंटीना इंजीनियरिंग” विषय पर AICTE-अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के 40 से अधिक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।
आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ने बताया एंटीना टेक्नोलॉजी का भविष्य
कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश मोहन के प्रेरणादायक उद्घाटन भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में एंटीना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
उद्योग और रक्षा क्षेत्रों से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव
एफडीपी का प्रमुख आकर्षण रहा डीआरडीओ (SSPL दिल्ली) का औद्योगिक भ्रमण, जहां प्रतिभागियों ने रक्षा क्षेत्र और हेल्थटेक इनोवेशन में प्रयोग हो रही एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
देशभर से जुटे विशेषज्ञ और प्रख्यात वक्ता
कार्यक्रम में आईआईटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, डीआरडीओ, सी-डैक, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, टीसीएस, क्लेरिवेट और आईएमटी गाजियाबाद जैसे शीर्ष संस्थानों के विशेषज्ञ वक्ता शामिल हुए। प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे:
- डॉ. महेश पी. अबेगांवकर (आईआईटी दिल्ली)
- डॉ. मुकेश के. खंडेलवाल (दिल्ली विश्वविद्यालय)
- डॉ. मुकेश जेवरिया (एनपीएल दिल्ली)
- डॉ. सुरेंद्र कुमार (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड)
- ललित कुमार (सी-डैक नोएडा)
- राधे श्याम गुप्ता (एसटी इक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स)
- गौरव अरोड़ा (टीसीएस नोएडा)
- डॉ. कुणाल श्रीवास्तव (क्लेरिवेट)
- डॉ. अभिषेक (आईएमटी गाजियाबाद)
सत्रों का समन्वयन और तकनीकी नेतृत्व
छह दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सचिन कुमार और डॉ. अंकुर उत्सव ने किया। सभी सत्रों में एंटीना डिजाइन, वायरलेस सेंसर, मेडिकल डिवाइसेज़ में एम्बेडेड तकनीक, और रक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर केंद्रित व्याख्यान एवं वर्कशॉप आयोजित की गईं।
नवाचार, शोध और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट समागम
यह एफडीपी न केवल प्रतिभागियों के लिए शोध और शिक्षण के नए क्षितिज खोलने वाला रहा, बल्कि तकनीकी नवाचार और व्यावसायिक अनुप्रयोगों के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में भी उभरा।