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वन नेशन, वन इलेक्शन’ भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम : धीरेंद्र सिंह

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम : धीरेंद्र सिंह
— गलगोटिया विश्वविद्यालय में संगोष्ठी, प्रमुख नेताओं ने साझा किए विचार


Vision Live/ Yeida City 

एक राष्ट्र - एक चुनाव” भारत के विकास की धुरी बनेगा और यह आज के भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह विचार जेवर विधायक और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धीरेंद्र सिंह ने गलगोटिया विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए। कार्यक्रम का विषय था ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ — जिसमें विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख वक्ताओं ने हिस्सा लिया और विचार साझा किए।

विधायक धीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद यह अपेक्षा थी कि भारत तीव्र गति से विकास करेगा, परंतु नीतियों के विलंबित क्रियान्वयन और औपनिवेशिक प्रशासनिक ढांचे के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना और आने वाले वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा।
उन्होंने कहा कि यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव हों, तो इससे अरबों रुपये की बचत हो सकती है, जिसे देश की आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के विकास में लगाया जा सकता है।

कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य हबीब हैदर ने कहा कि एक साथ चुनाव यदि सफलतापूर्वक लागू हो जाएं, तो भारत एक ऐसा विकसित राष्ट्र बन सकता है, जहां लोग विदेश जाने के बजाय भारत में शिक्षा और रोजगार की संभावनाएं तलाशेंगे।

पूर्व एमएलसी सतीश शर्मा ने भारत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औपनिवेशिक काल की नीतियों ने भारत को दशकों पीछे धकेल दिया, लेकिन अब समय है कि हम राजनीतिक स्थिरता के माध्यम से विकास को गति दें। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से शासन की ऊर्जा चुनावी रणनीतियों में खर्च होती है, जबकि एक साथ चुनाव से सरकार को पूरे कार्यकाल में नीति निर्माण और क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने छात्रों को लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली के महत्व को समझने के लिए ऐसे आयोजनों में भाग लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “एलेक्टोरल पॉलिटिक्स की गहरी समझ युवाओं को सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित करेगी।”

कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने भी संबोधित किया और युवाओं को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

गौरतलब है कि यह संगोष्ठी गलगोटिया विश्वविद्यालय के नवनिर्मित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस भवन’ में आयोजित की गई, जिसमें विधि, मीडिया, प्रबंधन और तकनीकी संकायों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

यह संवाद न केवल एक विचार मंच रहा, बल्कि भविष्य की चुनाव प्रणाली को लेकर गंभीर विमर्श का सशक्त माध्यम भी बना।


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