BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2022 का शुभारंभ


3000 से ज्यादा प्रदर्शक, 90 से ज्यादा देशों को क्रेताओं ने आयोजन में प्री-रजिस्टर किया

क्षेत्रीय कला, पैनल चर्चा, सेमिनार, रैंप प्रदर्शन 5 दिनों के इस आयोजन के मुख्य आकर्षण


विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा
14 से 18 अक्टूबर 2022 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे में आईएचजीएफ-दिल्ली मेले का 54 वां संस्करण - हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के 16 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में फैले इस मेले का विदेशी खरीदारों, क्रेता और सोर्सिंग सलाहकारों समेत सोर्स करने के साथ-साथ बड़े घरेलू वॉल्यूम खरीदारों के लिए शुभारंभ हो गया।
इस आयोजन का उद्घाटन कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव यू पी सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष राज के मल्होत्रा ; ईपीसीएच के उपाध्यक्ष कमल सोनी;  ईपीसीएच के महानिदेशक और आईईएमएल के अध्यक्ष राकेश कुमार; आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम 2022 की स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल; इपीसीएच के प्रशासनिक समिति के सदस्यों और ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर के वर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। 
सुश्री वीनू गुप्ता राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव और धर्मेंद्र प्रताप यादव, तमिलनाडु सरकार के प्रधान सचिव, हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़ा और खादी विभाग ने भी मेले का दौरा किया ।
टीम आईएचजीएफ दिल्ली मेला और ईपीसीएच को बधाई देते हुए, कपड़ा मंत्रालय के सचिव और आईएएस अफसर यू पी सिंह सचिव ने इस मंच को भारतीय हस्तशिल्प समुदाय, विशेष रूप से बुनकरों और कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि ये मंच जमीनी स्तर पर इस सेक्टर को विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा, “इस मेले के हर दोरे के साथ मैंने हमेशा कुछ नया या अलग देखा है, चाहे वह उत्पाद हों या कारीगरी, कच्चे माल का उपयोग हो या इनोवेटेड शिल्प कौशल हो। इस बार मैंने कई टिकाऊ उत्पाद देखे हैं। मुझे लगता है कि आज के दौर में सस्टेनेबिलिटी, सर्कुलेरिटी और ट्रेसबिलिटी बहुत महत्वपूर्ण है और व्यापार की मांग है । अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा कि "भारत का हस्तशिल्प और हस्तशिल्प शिल्प क्षेत्र एक बहुत बड़ा खजाना है। इसमें से बहुत कुछ तो विदेशी बाजार में पहुंच गया है, लेकिन अभी बहुत कुछ ऐसा है जिसके लाभ से दुनिया अभी परिचित नहीं है। मुझे उम्मीद है कि यह मेला ऐसे उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक होगा।”
इस आयोजन में होम, लाइफ स्टाइल, फैशन, वस्त्र और फर्नीचर के लिए 3000 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं, जो अपने उत्पादों को 12 परिभाषित श्रेणियों में प्रदर्शित कर रहे हैं। इस मेले में क्षेत्रीय कला और कारीगरों का शिल्प भी प्रदर्शित किया जा रहा। इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा ने कहा, “यह एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा बिजनेस-टू-बिजनेस इवेंट है जिसमें भारत के कोने-कोने से कई प्रसिद्ध निर्यात घरानों से लाइफस्टाइल, होम डेकोर, फर्नीचर, फर्निशिंग और एक्सेसरीज का एक बड़ा स्पेक्ट्रम शामिल है। यह प्रदर्शनी डिजाइन, निर्माण के साथ-साथ हाथ से बनी सजावटी चीजों के शिल्प और कौशल का एक शानदार मिश्रण है”।.
ईपीसीएच के महानिदेशक, राकेश कुमार ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अपनी बात साझा करते हुए कहा, आज के तेजी से बदलते सूचना और प्रौद्योगिकी के समय में हमारे निर्यातकों को अच्छी तरह से सूचित, तैयार और अपडेट रखने के लिए, हमने 'हाउ वेस्ट कैन बी यूटिलाइज्ड टु जेनरेट वैल्यू' विषय पर एक पैनल चर्चा रखी है। इसके अलावा लाइफस्टाइल एंड ट्रेंड्स, ब्रांडिंग, सस्टेनेबल ज़ेडईडी सर्टिफिकेशन बेनिफिट्स , प्रभावी संगठनात्मक संचार, विदेशी मुद्रा समाधान, आदि जैसे विषयों और व्यापार के लिए महत्पूर्ण सामयिक मुद्दों पर प्रमुख उद्योग पेशेवरों और अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारों द्वारा सेमिनार भी आयोजन में प्रस्तावित है।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि मेले के लिए 90 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों ने पहले से पंजीकरण कराया है। इस शो में प्रमुख भारतीय रिटेल/ऑनलाइन ब्रांडों के नियमित और नए आगंतुक भी आएंगे। उन्होंने आगे कहा कि हाथ से तैयार की गई जीवंत और अलंकृत तैयार उत्पाद विदेशी खरीदारों को आकर्षित करेंगे I
आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2022 की स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा, "मेले का निरंतर विकास टीम वर्क, आयोजकों और प्रदर्शकों के दृढ़ प्रयासों का परिणाम है। हम अपनी पूरी क्षमता के साथ वापस आ गए हैं । व्यापार हेतु आने वाले विदेशी आगंतुक प्रसन्न दिख रहे हैं और पूरे दिन प्रदर्शनी क्षेत्र के गलियारों में घूम रहे खरीदारों और प्रदर्शकों का मूड उत्साहित हैं । प्रारंभिक प्रतिक्रियाएं अच्छी और आशाजनक हैं। मेले में उपलब्ध सुविधाओं और आयोजकों की ओर से कई सेवाओं की भी सराहना की जा रही है” ।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक, आर के वर्मा ने साझा किया,आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम 2022 के पहले दिन ने कार्यक्रम को उत्साह देखा गया । उनकी प्रतिक्रिया हमें अगले चार दिनों के लिए प्रोत्साहित और आशावादी बनाती है।
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने सूचित किया कि 2021-22 के दौरान हस्तशिल्प का निर्यात 33253.00 करोड़ रुपये (4459.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का हुआ जो बीते वर्ष की तुलना में रुपये के संदर्भ में 29.49% और डॉलर के संदर्भ में 28.90% की वृद्धि दर्शाता है I