13 सितंबर 2022 की रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ और लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों आसमान में रोशनी की एक कतार देखी गई. असल में ये दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट्स हैं. जो इसी तरह से आसमान में उड़ते हुए दिखते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...
विजन लाइव/ दनकौर 
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्ध नगर जैसे कई शहरों में 13 सितंबर 2022 की रात आसमान में रोशनी की एक कतार देखी गई. ये रोशनी की कतार रात में गुजरती हुई रोशन ट्रेन की तरह दिख रही थी. असल में ये दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) हैं, जो मंगलवार रात भारत के आसमान से गुजरे. 
13 सितंबर 2022 यानी मंगलवार की रात उत्तर प्रदेश के कई जिलों के ऊपर दिखा ऐसा नजारा. 
एलन मस्क इन सैटेलाइट्स को लगभग हर दूसरे महीने अपने फॉल्कन-9 (Falcon-9) रॉकेट से अंतरिक्ष में छोड़ते हैं. इस रॉकेट में दो स्टेज होते हैं. पहला स्टेज आमतौर पर लॉन्चिंग के 9 महीने बाद धरती पर वापस लौट आता है. जबकि, दूसरा स्टेज स्टारलिंक सैटेलाइट्स को धरती की निचली कक्षा में स्थापित करता है. दूसरा स्टेज कुछ समय बाद धरती पर वापस क्रैश लैंडिंग करता है. इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी पंजाब में स्टारलिंक सैटेलाइट्स देखने को मिले थे. शुरुआत में लोग थोड़ा परेशान जरूर हुए थे लेकिन जब बाद में पता चला कि ये क्या हैं. तब राहत की सांस ली. 

असल में Starlink Internet Satellite एक दूसरे से थोड़ी दूरी पर लगाते हैं धरती के ऊपर चक्कर. (फोटोः SpaceX)

एलन मस्क अपने स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) की बदौलत पूरी दुनिया के अंतरिक्ष से बेहतरीन और तेज इंटरनेट की सुविधा देना चाहते हैं. इस सैटेलाइट सर्विस का फायदा अभी 40 देश उठा रहे हैं. रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध (Russia-Ukraine War) के दौरान भी एलन मस्क ने स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए यूक्रेन को इंटरनेट की सुविधा दी थी.  

SpaceX अपने फॉल्कन-9 रॉकेट के जरिए एक बार में छोड़ता है 49 से 56 Starlink सैटेलाइट. (फोटो: SpaceX)

स्पेसएक्स कंपनी ने मार्च 2022 में इस बात की घोषणा की थी कि स्टारलिंक के 2.50 लाख सब्सक्राइबर्स हो चुके हैं. जो मई तक बढ़कर 4 लाख हो गए थे. एशिया में इस सर्विस का फायदा उठाने वाला पहला देश फिलिपींस है. फिलहाल स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) धरती से 550 से 570 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं. इतनी ऊंचाई पर सूरज की रोशनी धरती के दूसरी तरफ से इनपर पड़ती है. जिसकी वजह से रात में चमकते हुए दिखते हैं. ऐसा लगता है कि कई बल्बों को एक कतार में जोड़कर आसमान में उड़ाया जा रहा हो.  इस साल 3 फरवरी स्पेसएक्स ने 49 स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) लॉन्च किए थे. लेकिन कुछ ही घंटों के बाद और सौर तूफान ने 40 सैटेलाइट्स को बेकार कर दिया था. जिसके बाद कंपनी ने घोषणा की ये 40 सैटेलाइट्स धरती के वायुमंडल में आकर खाक हो गए. हालांकि उसके बाद एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने कई बार स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग की है. हाल ही में दो बार इन सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग की गई है.