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भूतपूर्व सैनिक के प्लाट पर कब्जा किए जाने के मामले में पुलिस ने कई नए खुलासे किए

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

भूतपूर्व सैनिक के प्लाट पर कब्जा किए जाने के मामले में पुलिस ने कई नए खुलासे किए हैं। पुलिस ने माना है कि प्लाट भूतपूर्व सैनिक द्वारा खरीदा गया था और जिस पर चाहरदीवारी हुई थी। विपक्षियों ने उक्त प्लाट की चाहरदीवारी तोड कर कब्जा कर लिया। चूंकि मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए पुलिस द्वारा कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता प्रतीत नही होती है। पुलिस ने यह खुलासा आरटीआई के जरिए एक जवाब में किया है। उधर पीडित पक्ष मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहा है। पुलिस के स्तर से जब एफआईआर दर्ज नही की गई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। साथ ही रिटायर्ड सैनिक द्वारा डीएम, पुलिस कमिश्नर, नोएडा विधायक,सासंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इंसाफ की गुहार लगाई गई है।

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विमल कुमार मिश्रा भारतीय वायु सेना के भूतपूर्व सैनिक हैं। नोएडा में भूतपूर्व सैनिक का एक 100 गज का प्लाट और जिसकी चारदीवारी ताला लगा हुआ था। भूतपूर्व सैनिक का यह 100 गज का प्लाट खसरा नं 371, जो कि उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती बबिता मिश्रा के नाम वर्ष 2006 में ग्राम. शरफाबाद, नोएडा, तहसील दादरी, जिला गौतमबुद्धनगर में खरीदा था। इस प्लाट पर कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया तो पीडित पक्ष भूतपूर्व सैनिक की पत्नी की ओर से पुलिस में शिकायत की गई। पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज नही गई तो पीडित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उधर प्लाट पर कब्जा कर विपक्षी माननीय न्यायालय में पहुंच गए। यह मामला माननीय न्यायालय में भी विचाराधीन है और जिसकी सुनवाई की अगली तिथि 12 सितंबर-2022 नियत है। इधर पीडित पक्ष भूतपूर्व सैनिक विमल कुमार मिश्रा की पत्नी श्रीमती बबीता मिश्रा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखते हुए मामले की जांच कर विपक्षियांं के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांगे की। इसके साथ ही सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत पुलिस से कायवाही के क्रम का जवाब मांगा। 

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इस पर तत्काल एसीपी श्यामजीत पर्मिला सिंह ने मामले की अलग अलग पक्षों के बयान लेते हुए जांच की। एसीपी ने जांच में पाया कि उक्त प्लाट श्रीमती बबिता मिश्रा पत्नी विमल कुमार मिश्रा के नाम वर्ष 2006 में ग्राम. शरफाबाद, नोएडा, तहसील दादरी, जिला गौतमबुद्धनगर में खरीदा था। जिस पर प्रतिपक्षी चन्दर के द्वारा आवेदिका के पति को प्लॉट खरीदने/ विक्रय कराने का आश्वासन देकर कब्जा कर लिया। विपक्षीगण के द्वारा उक्त जमीनी विवाद के सम्बध में माननीय सिविल न्यायालय में दिनांक 19-10-021 को वाद संख्या 813/21 दायर किया गया है, जो माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। आवेदिका श्रीमती बबीता पक्ष के द्वारा माननीय न्यायालय में अन्तर्गत धारा 156 ;( 3) .प्र. .के अन्तर्गत वाद दायर किया गया है जो माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। पीडित पक्ष बबीता मिश्रा द्वारा गत दिनांक 31 अगस्त-2022 को भी नोएडा पुलिस को सूचना अधिकार अधिनियम-2022 के तहत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है और जानकारियां मांगी। इस पर अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा जनसूचना अधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जवाब दिया है। आरटीआई के जरिए दिए जवाब में पुलिस ने साफतौर से माना है कि आवेदिका श्रीमती बबीता पत्नी विमल कुमार मिश्रा नि० सै0.82 नोएडा द्वारा वर्ष 2006 में श्री कौशल कुमार सक्सैना नि० दिल्ली से 100 वर्गगज का प्लाट खरीदा था तथा बाउन्ड्री थी और गेट पर मिश्रा एण्ड मिश्रा संस के नाम से एक नम्बर प्लेट लगी हुई थी। यह प्लाट आज भी आवेदिका बबीता मिश्रा के नाम है तथा खसरा न०.371 में श्रीमती ऊषा शर्मा का 50 वर्गगज का प्लाट जो दिनांक 13-12-2006 को खरीदा था। आवेदिका बबीता श्रीमती ऊषा शर्मा दोनो के प्लाट पर सहखातेदार विपक्षी चन्दर यादव द्वारा चार दीवारी तोडकर दोनो प्लाटों को एक कर ;150 वर्गगज जमीन पर अपने स्तर से नवनिर्माण कर रह रहा है।

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विपक्षीगण द्वारा आवेदिका के प्लाट को खरीदने के बहाने अपने आश्वासन में लेकर बेईमानी की नियत से प्लाटों को अपनी दादालाई जमीन बताकर कब्जा किया गया है। आवेदिका/ प्रतिवादी के बीच प्लाट को लेकर विवाद है, जो मा० न्यायालय में विचाराधीन है। अतः प्रकरण मा० न्यायालय में विचाराधीन होने की स्थिति में पुलिस स्तर से किसी कार्यवाही का किया जाना प्रतीत नही होता है। पीडित पक्ष से भूतपूर्व सैनिक ने बताया कि विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि मा0 न्यायालय में अगली सुनवाई की तिथि 12 सितंबर-2022 नियत की गई है।