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विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा
गौतमबुद्धनगर में भ्रष्टाचार के चलते प्रशासनिक अधिकारियों के पारे सातवें आसमान पर हैं अधिकारियों के लिए नोएडा व ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा आमदनी देने वाली जगह हैं। जिले में आए दिन सरकारी मशीनरी के भ्रष्टाचार की खबरें आती ही रहती हैं। गौतमबुद्धनगर में चपरासियों की भी करोड़ों की कोठियां हैं । जारचा कोतवाली के दरोगा को रंगे-हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए अभी दस दिन ही हुए होंगे , वहीं दूसरी ओर एसडीएम  द्वारा कोर्ट के आदेशों को न मानने का मामला कई दिनों से सुर्खियों में चल रहा था। इसी बीच गौतमबुद्धनगर सदर तहसीलदार द्वारा एक वसीयत के मामले में गवाहों के बयानों की अधिवक्ता अनिल भाटी द्वारा 18-06-2022 को अर्जेंट नकल सवाल दिया गया था , जिससे सदर तहसीलदार द्वारा 18-06-2022 तक भी नही देने पर जिलाधिकारी व एडीएम से लिखित शिकायत करने पर एडीएम के नकल जारी करने के आदेश व एडीएम द्वारा तहसीलदार को फोन कर नकल जारी करने को कहने के बावजूद भी तहसीलदार ने नकल नही जारी की। बल्कि अनिल भाटी एडवोकेट द्वारा उच्च अधिकारियों से की गई शिकायत के चलते आपा खो दिया और अपने मातहत कर्मचारियों को साथ लेकर अधिवक्ता अनिल भाटी पर हमला बोल दिया। जिस पर अधिवक्ता अनिल भाटी द्वारा तहसीलदार की शिकायत पुनः उच्च अधिकारियों से की गई है। आरोप है कि तहसीलदार मामले में रिश्वतखोरी के चलते हुए ब्यान बदलवाने की कोशिश कर रहा है जिसके कारण पूर्व में गवाहों जो ब्यान हो चुके हैं उनकी नकल जारी नही कर रहा है  इस मामले में सदर तहसीलदार ने अपने पद का दुरुपयोग कर अनिल भाटी एडवोकेट डिस्ट्रिक्ट बार के पूर्व अध्यक्ष व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,148,332,323,504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।  इस पर अधिवक्ता अनिल भाटी का कहना है कि मैं अधिवक्ता हूँ मुझे कानून पर पूरा भरोसा है । इस तरह FIR के डर से भ्रष्टाचारियों के सामने घुटने नही टेकेंगे, पहले तो मामले को अपनी बार के सामने रखेंगे और उच्च अधिकारियों व न्यायलय के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं इस पर कुछ अन्य अधिवक्ताओं ने अपने अधिवक्ता साथी का पक्ष रखते हुए कहा कि भ्रष्ट सदर तहसीलदार को बेनकाब कर जिले से बहार का रास्ता दिखा कर ही रहेंगे। उधर इस मारपीट और बवाल के मामले में तहसीलदार सदर की ओर से भी एफ आई आर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।