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विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा              

आईआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेंसी और आईआईएमटी कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलाजी में  सात दिवसीय फैक्लटी डवलपमेंट प्रोग्राम का समापन मंगलवार को हो गया। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञऔर शिक्षाविद् ने भाग लिया। कॉलेज ऑफ फार्मेंसी में रीसेंट पेडगोजिकल टूल्स इन एजुकेशन फॉर अपडेट नॉलेज ऑफ़ विषय पर शिक्षकों ने अपने विचार रखे। वहीं कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलाजी में नई शिक्षा नीति के ऊपर विस्तार से चर्चा हुई। कॉलेज ऑफ फार्मेंसी में मुख्य अतिथि के रूप में जीएक्सपी के डॉयरेक्टर हरि व्यास बंसल ने भाग लिया इसी के साथ ही आईटीएम बड़ोदा यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. विमल जैन सहित अनेक प्रोफेसर ने अपने विचार सभी के साथ साझा किए। दूसरी तरफ कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलाजी की डॉयरेक्टर पूनम पांडेय ने नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए कहा कि काफी समय से शिक्षा के पेर्टन में बदलाव की जरूरत महशूश की जा रही थी जिसको सरकार ने लागू कर दिया है। वहीं कॉलेज ऑफ फार्मेंसी के डॉयरेक्टर मल्लिका अर्जुन बीपी ने कहा कि आज किसी भी देश में सामुदायिक फार्मासिस्ट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि वे स्वास्थ्य देखभाल के लिए रोगी की दवा संबंधी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी लेते हैं। हालांकिभारत में केवल दवाओं की आपूर्ति सामुदायिक फार्मासिस्ट की मुख्य गतिविधि बनी हुई है। इस दौरान फैक्लटी प्रोग्राम में फार्मेंसी के डीन डॉ पुष्पेंद्र जैन, डॉ. डीन डॉ. चंद्रशेखर यादव, निलू सिंघल, सहित कॉलेज के अनेक लोग मौजूद रहे।