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 स्मार्ट मीटर, एलईडी, स्विच, सर्किट ब्रेकर, स्मार्ट होम सिक्योरिटी आटोमेशन उत्पाद बनाती है कंपनी

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ सुरेंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा व आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका खींचा

 

विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा

इलेक्ट्रिक उत्पाद बनाने वाली टर्की की जानी-मानी कंपनी मकेल इलेक्ट्रिक ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण या आईआईटीजीएनएल की टाउनशिप में करीब 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। कंपनी यहां करीब 500 करोड़ रुपये निवेश करना चाहती है। इससे यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी खूब मिलेंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा तो देश में मकेल इलेक्ट्रिक की पहली इकाई ग्रेटर नोएडा में लग सकेगी। टर्की कंपनी मकेल इलेक्ट्रिकल के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार शाम को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ व आईआईटीजीएनएल के एमडी सुरेन्द्र सिंह, एसीईओ अमनदीप डुली व अन्य अधिकारियों से प्राधिकरण दफ्तर में मुलाकात की। कंपनी ने अपना प्रस्तुतिकरण भी प्राधिकरण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। सीईओ सुरेन्द्र सिंह ने  ग्रेटर नोएडा व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी कंपनी के प्रतिनिधियों को दी। सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के आसपास दो एयरपोर्ट हिंडन व आईजीआई पहले से संचालित हैं और अब देश का सबसे बड़ा नोएडा एयरपोर्ट भी शीघ्र बनने जा रहा है। सीईओ ने प्रतिनिधियों के सामने रोड व रेल कनेक्टीविटी का भी खाका खींचा। आईआईटीजीएनएल में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब व मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के बारे में जानकारी दी। ग्रेटर नोएडा व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर की मकेल कंपनी के प्रतिनिधियों ने तारीफ की और उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करने की मांग की। सीईओ ने कंपनी की तरफ से औपचारिक प्रस्ताव मिलते ही जमीन आवंटित करने का आश्वासन दिया। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल में मार्को रिच, अली रिजा डेन, लेनार्ड एम एन्टोनोव, उंसल करबियिक, ड्रैहिम हसूला, नीरव त्रिपाठी, नैमिश मार्फाशिया, कौशिक पांड्या, अमरदीप सिंह व सुनील कुमार शामिल रहे। मकेल इलेक्ट्रिक विश्व के 40 देशों में व्यापार कर रही है। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि टर्की में कंपनी की मेन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। यह कंपनी स्मार्ट मीटर, एलईडी, स्विच, मीनिएचर सर्किट ब्रेकर, सर्किट ब्रेकर, स्मार्ट होम सिक्योरिटी आटोमेशन आदि उत्पाद बनाती है। कंपनी प्रतिनिधियों का कहना था कि वर्ष 2025 तक भारत में 25 करोड़ स्मार्ट मीटर की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी यहां निवेश करना चाह रही है