सूरजपुर में प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला.2022  नौवां दिन--- उपेंद्र राणा,सोनू सम्राट, काजल तंवर, पायल चौधरी और वैशाली शर्मा आदि कलाकारों की रागनियों की धूम रही

 


अरी मेरे ससुर ने बाग लगायो, डाली डाली पे अनार- डाली डाली पे अनार...... प्रस्तुत करते हुए जमकर वाहवाही लूटी


 


 


 एनकेएस सेवा संस्थान ग्रेटर नोएडा और एनकेएस इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों सपना, काजल, हर्षिता और कनिष्का त्यागी ने ’’नमस्तते वातसल्य’’ गीत संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देते हुए उपस्थित लोगों का मनमोह लिया

 




मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/सूरजपुर

............................................................................सूरजपुर में चल रहे प्राचीन ऐतिहासिक बाराही मेला.2022 के नौंवे दिन उपेंद्र राणा,सोनू सम्राट, काजल तंवर, पायल चौधरी और वैशाली शर्मा आदि कलाकारों की रागनियों की धूम रही। सोनू सम्राट ने खासे चर्चित हुए गीत अरी मेरे ससुर ने बाग लगायो, डाली डाली पे अनार- डाली डाली पे अनार...... प्रस्तुत करते हुए जमकर वाहवाही लूटी। उपेंद्र राणा और काजल तंवर ने सत्यवान सावित्री के प्रसंग से रागनी प्रस्तुत की। सोनू सम्राट और तेजवीर विधूडी ने जीजा साली के बीच सवाल जवाब की रागनी प्रस्तुत की।




सोनू सम्राट और वैशाली शर्मा की जोडी ने- छुट्टी आजा अभी, अरे मेरे फौजी पिया..... रागनी प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरीं। सोनू तंवर, ओमवीर विधूडी आदि कलाकारों ने एक से बढ कर रागनियां प्रस्तुत की। पायल चौधरी, सोनम सिंह और वैशाली शर्मा ने नृत्य प्रस्तुत करते हुए जमकर धमाल मचाया। उपेंद्र राणा ने शिव मंदिर मेला समिति के महासचिव ओमवीर बैंसला द्वारा लिखित जनपद के इतिहास में सूरजपुर है धाम-- बाराही मेला आया है, मेला आया है, खुशी से मन हर्षाया है, श्रद्वा से भक्तों का रैला आया है, लगी है खूबसूरत मेले की मोहिनी मूरत, भक्तगण ताल में नहाने से रोग मुक्ति पांवे, हमारी आन है मेला, यूपी की शान मेला------ भजन प्रस्तुत किया तो पूरा प्रांगण तालियों की गडगडाहट से गूंज उठा। एनकेएस सेवा संस्थान ग्रेटर नोएडा और एनकेएस इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों सपना, काजल, हर्षिता और कनिष्का त्यागी ने ’’नमस्तते वातसल्य’’ गीत संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देते हुए उपस्थित लोगों का मनमोह लिया।




शिव मंदिर सेवा समिति के संरक्षक ओमप्रकाश शर्मा, टेकचंद प्रधान, अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल प्रधान, महासचिव ओमवीर बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा, उपाध्यक्ष बिजेंद्र ठेकेदार और राजपाल भडाना, मोहित शर्मा, भीम खारी, राजकुमार नागर, विशाल गोयल आदि पदाधिकारियों ने एनकेएस सेवा संस्थान ग्रेटर नोएडा की संस्थापक डा0 ब्रजलता शर्मा और सपना, काजल, हर्षिता और कनिष्का त्यागी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही बाराही मेला प्रांगण में प्रकाश की उचित व्यवस्था किए जाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विद्युत अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर दैनिक जागरण के पत्रकार अंकुर त्रिपाठी और मनीष त्रिपाठी को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।



मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि दिनांक 24 अप्रैल.2022 रविवार  की सांय हरियाणा और राजस्थान के कलाकारों तथा विभिन्न स्कूलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। जब कि रात्रिकालीन रागनियों के रंगारंग कार्यक्रमों में सुरेश गोला, मन्नू तंवर, दिनेशा, अन्नु चौधरी, अर्जुन हरामी और बॉबी बघेल आदि कलाकार खास प्रस्तुतियां देंगे।  इस मौके पर कार्यक्रम मे चौधरी धर्मपाल भाटी प्रधान, ओमवीर बैंसला, लक्ष्मण सिंघल, मूलचंद शर्मा और श्रीचंद भाटी, राजपाल भडाना, महाराज सिंह उर्फ पप्पू, विनोद पंडित तेल वाले, अनिल कपासिया, अज्जू भाटी, देवा शर्मा, राजकुमार नागर, सुनील सौनिक, 0 राजेश शर्मा ठेकेदार, राजवीर शर्मा, लीलू भगतजी, रवि भाटी, जगदीश भाटी एडवोकेट, सतपाल शर्मा आदि मेला समिति के पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

 

 

 

विशेष आर्कषणः....बाराही मेले में कुआ बन रहा है, खोया पाया ईमानदारी की चौपाल

प्राचीनकालीन बाराही मेले में पुराना कुंआ ईमानदारी की चौपाल बन रहा है। बाराही मंदिर प्रांगण में स्थित इस पुराने कुए पर आकर कभी भरी दुपहेरी में राहगीर प्यास बुझाया करते थे। किंतु आज यह कुआ प्यास बुझाने के बजाय भुले भटके लोगों के लिए मद्दगार साबित हो रहा है। यहां बैठे मेला समिति के पदाधिकारी मेले में आए दर्शकों के लिए खोया पाया के काम में लगे रहते हैं। बताया जाता है कि प्राचीन बाराही मंदिर प्रांगण में बने इस कुए की गहराई करीब 25 फीट है। एक समय था कि जब यहां कुए का पानी बहुत ठंडा होता था और राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए कुए पर कई मटके रख रहते थे। मुख्य रास्ता यहीं से होकर गुजरता था। राहगीर यहां पर भरी दुपहेरी में सुस्ताने के लिए भी रूकते थे। किंतु अब यह सूखा पडा हुआ है, इसका कारण शायद क्षेत्र का जलस्तर नीचे जाना भी रहा है। बाराही मेले के मौके पर यहां उद्घोषणा की चौपाल काम होता है। इस चौपाल को लोग खोया पाया कुआं के नाम से जानते हैं।


मेला के समिति के पदाधिकारी यहां मंदिर और मेले के लिए आने वाले दान की भी उद्घोषणा करते हैं। साथ ही मेले में यदि कोई अपना बिछड जाए या फिर भटक जाए तो यहां पर मदद मिलती है। वैसे तो यहां कुए पर मेला समिति पदाधिकारी मौके बे मौके पर बैठे रहते हैं मगर मुख्य जिम्मेदारी विनोद सिकंद्राबादी की ही रहती है। विनोद सिकंद्राबादी शिव मंदिर मेला समिति में सहसचिव की भूमिका में भी है और यहां पूरे मनोयोग से उद्घोषणा के कार्य में लगे रहते हैं। बाराही मेला सहसचिव विनोद सिकंद्राबादी और कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल बताते हैं कि वर्ष 2001 में जब से यह वर्तमान शिव मंदिर मेला समिति आसित्व में आई हैं, इस भूमिका में हैं। बाराही मेले में आने वाले दर्शकों का जब अपना कोई बिछड जाता है या फिर कोई कीमती वस्तु पर्स, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, हैलीमेट आदि तो लोग यहां आते हैं। साथ ही ऐसे भी लोग जिन्हें उक्त कीमती वस्तु पा जाती है तो यहां कुए पर आकर जमा करा देते हैं। खोने और पाने की सूचना प्रसारित की जाती है और लोग अपने अमुक सामान को आकर ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि यह पुराना कुंआ, जिसमें अब पानी नही है इस मेले में ईमानदारी की चौपाल बन कर ख्याति अर्जित कर रहा है।