सूरजपुर में प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला.2022 आठवां दिन---ज्ञानेंद्र सरदाना,पूजा शर्मा और जगमोहन सरदाना आदि कलाकारों की रागनियों की धूम रही

 





राधे स्नेह पब्लिक स्कूल सूरजपुर के नन्हें मुन्हों ने- बंशी बजेगी घनश्याम राधा नाचेगीं जरूर और राजस्थानी लोक नृत्य पर बेहतर प्रस्तुति दी

 


 


सूरज ने ली मांग रोशनी, रजनी चंदा तारों ने, बेटा बहू ने मांग लिया, जान मांग ली यारों ने रागनी प्रस्तुत करते हुए लोगांं का दिल जीत लिया





मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/सूरजपुर

सूरजपुर में चल रहे प्राचीन ऐतिहासिक बाराही मेला.2022 के आठवें दिन राधे स्नेह पब्लिक स्कूल सूरजपुर के नन्हें मुन्हों ने- बंशी बजेगी घनश्याम राधा नाचेगीं जरूर और राजस्थानी लोक नृत्य पर बेहतर प्रस्तुति दी। जब कि नटराज डांस एकेडमी की नन्ही कलाकार जानशी ने नृत्य की प्रस्तुति देते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। शिव मंदिर मेला समिति के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल प्रधान, महासचिव ओमवीर बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल, मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा, संरक्षक टेकचंद प्रधान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिजेंद्र ठेकेदार ने इन नन्हे मुन्हें कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। शिव मंदिर मेला समिति के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल प्रधान ने कहा कि प्राचीन बाराही मेला-2022 में संस्कृति मंच उदयीमान प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किए जाने का प्रयास कर रहा है। क्षेत्र की कई ऐसी प्रतिभांए इस मंच से प्रस्तुति देकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर क्षेत्र और समाज का नाम रोशन कर रही हैं। वहीं गुरूवार को प्रति दिन की भांति बाराही मेले के सर्वोत्तम मंच संस्कृति मंच से रात्रिकालीन कार्यक्रमों की शुरूआत सरस्वती वंदना और आरती के साथ हुई। रागनियों के रंगारंग कार्यक्रमों में ज्ञानेंद्र सरदाना,पूजा शर्मा और जगमोहन सरदाना आदि कलाकारों की रागनियों की धूम रही। 


जगमोहन  सरदाना की रागनी--- धन की इज्जत बनिया ही जाने, धागे की इज्जत बहना ही जाने, बांधे राखी कलाई में, भाई की इज्जत भाई जाने।। से पूरा प्रांगण तालियों की गडगडाहट से गूंज उठा। देवेंद्र चौधरी ने- लाड करे तो बेटा बिगडे.........प्रस्तुत की। ज्ञानेंद्र सरदाना ने शिव मंदिर मेला समिति महासचिव ओवीर बैंसला द्वारा लिखे गए भजन-- हम संतान ़ऋषि मुनियों की, मिल आदर सत्कार गया, सूरजगढ का बना सूरजपुर, मिल सारा आधार गया प्रस्तुत किया। सविता चौधरी और देवेंद्र चौधरी ने पूरमल के किस्से से रागनी प्रस्तुत करते हुए जमकर तालियां बटोरीं। ज्ञानेंद्र सरदाना ने रानी पदमावत के किस्से से रागनी प्रस्तुत करते हुए जमकर वाहवाही लूटी। पूजा शर्मा ने नंद भाभी के प्रंसग से-- ससुराल नही जाउंगी, उस घर में चार शराबी, मुझे मत भेजना भाभी। रसिया प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। ज्ञानेंद्र सरदाना ने श्रोताओं की मांग पर-- सूरज ने ली मांग रोशनी, रजनी चंदा तारों ने, बेटा बहू ने मांग लिया, जान मांग ली यारों ने रागनी प्रस्तुत करते हुए लोगांं का दिल जीत लिया। वहीं कोमल चौधरी और आरती सिंह ने नृत्य प्रस्तूत करते हुए जमकर धमाल मचाया। 


अंत में ज्ञानेंद्र सरदाना और उनके साथी कलाकारों को शिव मंदिर सेवा समिति के कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल, सदस्य विनोद पंडित तेल वाले, सतपाल ठेकेदार देवला और मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’ पत्रकार ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  सतपाल ठेकेदार देवला ने बाराही मंदिर निमार्ण के लिए 3100 रूपये देने की घोषण की।   मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि दिनांक 23 अप्रैल.2022 शनिवार  की सांय हरियाणा और राजस्थान के कलाकारों तथा विभिन्न स्कूलां द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। जब कि रात्रिकालीन रागनियों के रंगारंग कार्यक्रमों में जयवीर भाटी, नीरज भाटी, प्रीती चौधरी, भारती चौधरी, राहुल बालियान, नरेश नागर और यश गुर्जर आदि कलाकार खास प्रस्तुतियां देंगे।  इस मौके पर कार्यक्रम मे चौधरी धर्मपाल भाटी प्रधान, ओमवीर बैंसला, लक्ष्मण सिंघल, मूलचंद शर्मा और विनोद पंडित तेल वाले, राजपाल खटाना, रूपेश चौधरी, हरि शर्मा, भवर सिंह बैसोया, भूलेराम भगतजी आदि मेला समिति के पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।


 

 

 

विशेष आर्कषणः...लोक कला संस्कृति मंच से कलाकारों ने हरियाणा और राजस्थान की संस्कृति की छटा बिखेरी



प्राचीनकलीन बाराही मेला-2022  लोक कला संस्कृति मंच से राजस्थान से आए राजबाल सपेरा एंड पार्टी के कलाकारों ने कार्यक्रमांं की प्रस्तुतियां देते हुए हरियाणा और राजस्थान की संस्कृति की छटा बिखेरी। कच्ची घोडी, बीन पार्टी और भंगडा, फांग डांस की प्रस्तुतियां दर्शकों को बरबस की अपनी ओर खींचती हुई दिखाई पड रही हैं। शुक्रवार को बाराही मेला-2022 देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड उमडती हुई दिखाई दी। बाराही मेले में खेल तमाशांं की श्रंखला मेंं 12 डी राईजर इनोवेशन सिनेमा, जो पहली आया है जहां दर्शकों का कोतुहल देखा गया। इसके अलावा शहनाज- मेटिंग गर्ल यानी रूप बदलने वाली लडकियां, न्यू राजधानी म्युजिकल सर्कस यानी जादूगर शो, भूत बंगला जहां घने अंधरे में भूतांं का खुला तांडव दिखाई दिया, हैरत अंग्रेज कारनामेंं के साथ जियो सर्कस, मौत का कुआ जहां 2 बाइकें और 1 कार एक साथ दौडती हुई लोगों को दांतों तले उंगली दबाने के लिए मजबूर रही थी, इसके साथ ही अलग अलग तरह के झूले और बच्चों के लिए मिक्की माउस लगतार मनोरंजन करते हुए खास आकषर्ण का केंद्र बने हुए हैं।