विजन लाइव/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में गुर्जर समाज के क्रांतिकारी जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं विभिन्न सदियों में रहे गुर्जर राजाओं की प्रतिमाओं एवं तस्वीरों के साथ गुर्जर गैलरी का भी निर्माण किया गया। लेकिन कुछ समय बाद ही गुर्जर गैलरी में गुर्जर प्रतिहार राजाओं का लगा शिलापट्टट पर गुर्जर समाज में जन्मे क्रांतिकारी वीर विजय सिंह पथिक की तस्वीर लगा कर उस इतिहास को दबाने का प्रयास किया। जिसके खिलाफ करप्शन फ्री इंडिया संगठन एवं गुर्जर समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र जिलाधिकारी मुख्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट उमेश चंद्र निगम को सौंपा। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि नॉलेज पार्क स्थित दीनदयाल शोध संस्थान का शुभारंभ 9 मार्च 2019 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया था। जिस दीनदयाल शोध संस्थान में गुर्जर समाज के क्रांतिकारियों के नाम से एक गुर्जर गैलरी का निर्माण भी किया गया। जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। उद्घाटन के दौरान उस समय गुर्जर गैलरी के प्रांगण में गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की बड़ी प्रतिमा एवं अन्य गुर्जर क्रांतिकारियों की तस्वीर के साथ साथ गुर्जर प्रतिहार सम्राटों के नाम का शिलापट्ट वहां लगा हुआ था। लेकिन कुछ समय बाद गुर्जर समाज के सम्राटों के शिलापट्ट के ऊपर गुर्जर समाज में जन्मे क्रांतिकारी वीर विजय सिंह पथिक की तस्वीर लगाकर इतिहास को ढकने का काम किया गया है। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि गंदी राजनीति के कारण गुर्जर समाज के इतिहास के साथ बार-बार छेड़छाड़ की जा रही है जो कि निंदनीय है। संपूर्ण भारत के गुर्जर समाज के लोगों में इस घटना से रोष व्याप्त है। गुर्जर समाज ने हमेशा राष्ट्र को समर्पित होकर कार्य किया है। देश की आजादी से लेकर आज तक गुर्जर क़ौम राष्ट्रहित के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज के इतिहास के साथ बार-बार छेड़छाड़ ना की जाए। अन्यथा देश भर में बड़े स्तर पर इस घटना को लेकर बड़ा गुर्जर आंदोलन हो सकता है। उन्होंने पत्र के माध्यम से तत्काल प्रभाव शिलापट्ट को सही कराने की मांग के साथ साथ वीर विजय सिंह पथिक के इतिहास एवं उनकी तस्वीर को भी गुर्जर गैलरी में प्रदर्शित करने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष चौधरी प्रेम प्रधान राकेश नागर बलराज हूण यतेंद्र नागर हरीश भाटी पंकज खारी अधिवक्ता धीरज खटाना अधिवक्ता दीपक भाटी बिल्लू अमित नागर बबलू नागर चाहत राम सरजीत महेश आसाराम बाबू गुर्जर आदि लोग मौजूद रहे।