भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने गौतमबुद्धनगर के सांसद डा0 महेश शर्मा का घेराव किया


 

विजन लाइव/गौतमबुद्धनगर

 भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के तत्वाधान में गौतमबुद्धनगर के सांसद डा0 महेश शर्मा का घेराव सेक्टर 27 नोएडा कैलाश हॉस्पिटल पर  किया गया। वहां पर पहले से ही उपस्थित एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह, आईपीएस अनीता सिंह, इंस्पेक्टर मनीष चौहान के साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी। कोविड हॉस्पिटल को ध्यान में रखते हुए डा0 महेश शर्मा से वार्ता कराए जाने के लिए पुलिस अधिकारियों से मांग की। इस प्रकार भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के 11 सदस्य पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल गौतमबुद्धनगर सांसद डा महेश शर्मा से मिला और गौतमबुद्धनगर के ताजा हालात कोविड महामारी को देखते हुए क्षेत्रीय जनता को ऑक्सीजन पूर्ति, वेंटीलेटर की सुविधा, नेबुलाइजर मशीन, ऑक्सीमीटर मशीन, सिलेंडर किट, टेंपरेचर टेस्ट थ्रमामीटर, सभी चिकित्सा उपकरण एवं दवाइयां आदि तथा हॉस्पिटलों में भर्ती कराकर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना का मुद्दा उठाया। वहीं क्षेत्रीय सांसद ने सभी को आश्वस्त किया कि कम संसाधनों में हर मरीज को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। साथ ही गौतमबुद्धनगर के सभी किसानो, मजदूरों, गरीबो, को सही इलाज दिलाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। ऑक्सीजन के बारे में भी उन्होंने बताया कि कई हॉस्पिटलो में ऑक्सीजन का प्लांट लगाया गया है और भी ऑक्सीजन की व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। कालाबाजारी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए उन्होंने डीएम, सीईओ ग्रेटर नोएडा व नोडल अधिकारी कोवीड-19, सीएमओ गौतमबुद्धनगर से भी फोन पर बात कर तत्काल प्रभाव से कालाबाजारी पर रोक और सभी चिकित्सक उपकरणों एवं दवाइयों के लिए एकल खिड़की की व्यवस्था कराने के लिए कहा उसके बाद में उन्होंने कैलाश हॉस्पिटल सेक्टर 27 में कोविड के मरीजों के चल रहे इलाज को भी साथ में जा कर खुद निरीक्षण कराया और सभी को आश्वस्त किया कि जिन संसाधनों की कमी है, उनको अति शीघ्र पूरा किया जाएगा और जो लोग कालाबाजारी कर रहे हैं वह मानवता के नाते कालाबाजारी बंद कर देश हित में कोविड महामारी को हराने का काम करें। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन खटाना, जिला अध्यक्ष अनित कसाना, महानगर अध्यक्ष परविंदर अवाना, जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान, इंद्रजीत कसाना, बेली भाटी, महेश खटाना, सुरजन सिंह, रविंद्र भगत आदि किसान मौजूद रहे।

ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के बढते प्रकोप और सैनेटाईजेशन की मांग को पुरजोर उठाते और उम्मीद है कि अब भी उठाएंगे



मौहम्मद इल्यास/ग्रेटर नोएडा

कोरोना महामारी एक ओर पूरे देश में कहर बरपा रही है वहीं गौतमबुद्धनगर की बात करें तो यहां थोक के भाव नेता बने लोग अचानक बिलों में जा दुबके हैं। अक्सर ये हवाबाज नेता धरना प्रदर्शन के सहारे अपने निहित स्वार्थो को पूरा करने में लगे रहते थे। इनमें कुछ छुटभैये नेता तो ऐसे में रहे हैं जो हर रोज ज्ञापन देते हुए अफसरों के साथ फोटो खिचवां कर अपना उल्लू साधने दिखते थे। मीडिया की सुर्खियां बटोरने में भी ये नेता कतई पीछे नही रहते थे मगर जैसे ही कोविड-19 महामारी ने अब दूसरी बार करवट ली अचानक ये फोटोबाज और होर्डिंगबाज उडन छू हो गए हैं। बात यदि जिले मेंं किसान संगठनों की करें तो यहां पर थोक के भाव किसानों के नाम पर संगठन बने हुए हैं। पहले यहां पर किसानों के मसीहा स्व0 बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की भारतीय किसान यूनियन थी मगर एक दशक के इस दौर में अनगिनत किसान यूनियन के धडे पैदा हो गए हैं। किसान आंदोलनों के नाम पर भी यही कुछ खेल होता रहा है। यदि दिल्ली किसान आंदोलन की बात करें तों जिले में किसान संगठनों की पुलिस और प्रशासन के बीच खूब जुगलंदी देखी गई थी। यही किसान संगठन दिल्ली कूच का ऐलान करते थे और दूसरी दिन फिर पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने की प्रेस विज्ञप्ति भी इनकी द्वारा मीडिया में भेजी जाती थी। कहीं न कहीं या तो प्रदर्शन व दिल्ली कूच की खबर लीक हो जाती थी या फिर ये किसान जानबूझ कर पुलिस अफसरों तक खबर भिजवाते थे। पुलिस और किसान संगठनों की इस जुगलबंदी से किसान आंदोलन जरूर कहीं कहीं कमजोर पडता ही चला गया। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के लोग कोरोना महामारी के मुद्दे को लेकर गौतमबुद्धनगर के सासंद डा0 महेश शर्मा का घेराव करने के लिए पहुंचे। किंतु क्या सवाल नही पैदा होता है कि सारी व्यवस्था के लिए गौतमबुद्धनगर के सांसद डा0 महेश शर्मा ही जिम्मेदार हैं। हां गौतमबुद्धनगर सासंद डा0 महेश शर्मा एक चिकित्सक हैं और पूरे लोकसभा क्षेत्र में उनके पांच अस्पताल भी चल रहे हैं। एक चिकित्सक होने नाते सांसद डा0 महेश शर्मा के लिए इन अस्पतालों को देखना भी जरूरी है। बात यदि ऑक्सीजन, दवाईओं की जाए तो इन सबके लिए क्या सरकार की व्यवस्थाएं और अफसर जिम्मेदार नही हैं। गौतमबुद्धनगर सीएमओ के पैर पकडे जाने की जिस प्रकार वीडियो वायरल हुए, ऐसी महामारी के दौर ऐसे नाकारा अफसरों को हटाने के लिए क्या किसी संगठन को आगे नही आना चाहिए था। अच्छा होता कि भारतीय किसान यूनियन के लोग डीएम,सीएमओ और कोविड-19 के नोडल अधिकारी व सीईओ ग्रेटर नोएडा से मिल कर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति, दवाओं की कालाबाजारी, बैड की कमी, ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के बढते प्रकोप और सैनेटाईजेशन की मांग को पुरजोर उठाते और उम्मीद है कि अब भी उठाएंगे।