नो- पार्किंग जोन का खुलासा आरटीआई के जरिए जानकारी में हुआ

 


पुलिस प्रशासन द्वारा थाना स्थानीय पर कोई नो- पार्किंग स्थल नही बनाए गए हैंः दनकौर पुलिस

 






 गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सामने ही मैन रोड पर लगे हुए हैं, नो- पार्किंग स्थल के सांकेतिक बोर्ड

 






 






रबूपुरा और जेवर की पुलिस ने तो जानकारी देने से ही इंकार कर दिया

 












मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर


--------------------------------------गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के ग्रेटर नोएडा जोन-3 ऐरिया में नो- पार्किंग जोन नही है। इस बात का खुलासा आरटीआई के जरिए जानकारी में हुआ है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के ग्रेटर नोएडा जोन-3 ऐरिया में पडने वाले थाना क्षेत्रों बीटा-2, नॉलेज पार्क, दादरी, जारचा, कासना, ईकोटेक-1, दनकौर, रबूपुरा और जेवर के प्रभारियों में से ज्यादातर ने जानकारी में बताया है कि नो- पार्किगं स्थल नही है जब कि कुछ थाना प्रभारियों ने जवाब ही गोलमोल दिया है। वहीं रबूपुरा और जेवर के थाना प्रभारियों ने तो जानकारी देने से ही इंकार कर दिया है। गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय, सूरजपुर, चैंबर न.764 यतेंद्र नागर एडवोकेट ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दिनांक 08/10/2020 को आवेदन किया और जानकारी चाही कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सेक्टरों की सर्विस रोड नो-पार्किंग क्षेत्र में आती है क्या? दूसरा पुलिस प्रशासन द्वारा किस किस जगह को सेक्टरों में नो- पार्किंग स्थल बनाया हुआ है? दूसरे आवेदन पत्र में यतेंद्र नागर एडवोकेट ने जानकारी मांगी कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर गामा-1, गामा-2, बीटा-1, बीटा-2, अल्फा-1, अल्फा-2 व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के समस्त सेक्टरों में कहां कहां अधिकृत पार्किंग स्थल छोडे गए हैं? दूसरा शहर के सेक्टरों की सर्विस रोड नो- पार्किंग क्षेत्र में आती है क्या? इस पर थानाध्यक्ष बीटा-2 ने जानकारी दी कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सेक्टरों की सर्विस रोड नो- पार्किंग स्थल के संबंध में सूचना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आपेक्षित है। दूसरा नो- पार्किंग स्थल के संबंध में सूचना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आपेक्षित है। थानाध्यक्ष नॉलेज पार्क ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला- मांगी गई सूचना थाना हाजा से संबंधित नही है। दूसरा पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के सेक्टरों में कहीं भी नो- पार्किंग स्थल नही बनाया गया है। थानाध्यक्ष दादरी ने जानकारी दी कि पहला- नोएडा प्राधिकरण से संबंधित है। दूसरा- थाना दादरी पुलिस द्वारा थाना दादरी क्षेत्र में किसी भी सेक्टर में नो- पार्किंग स्थल नही बनाया गया है। थानाध्यक्ष जारचा ने जानकारी दी कि पहला- थाना हाजा क्षेत्र में कोई नो- पार्किंग क्षेत्र नही है। दूसरा- थाना पुलिस द्वारा कोई नो- पार्किंग स्थल नही बनाया गया है। थानाध्यक्ष ईकोटेक-1 ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला- थाना हाजा से संबंधित नही है। दूसरा- थाना हाजा से आख्या शून्य है। थाना कासना प्रभारी निरीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला- सूचना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संबंधित है। दूसरा- सूचना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संबंधित है। खास बात यह देखने को मिली कि यही रटा रटाया जवाब थाना दनकौर पुलिस ने भी दे डाला। दनकौर थाना प्रभारी निरीक्षक की ओर से जानकारी में बताया कि पहला- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संबंधित है। दूसरा- पुलिस प्रशासन द्वारा थाना स्थानीय पर कोई नो- पार्किंग स्थल नही बनाए गए हैं। थाना दनकौर क्षेत्र का बिलासपुर और मंडीश्यामनगर का क्षेत्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में आता है। जब कि थाना क्षेत्र का शेष भाग यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में आता है। बात यदि दूसरे बिंदु की करें तो गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सामने ही मैन रोड पर नो- पार्किंग स्थल के सांकेतिक बोर्ड लगे हुए हैं। इससे दनकौर पुलिस के दूसरे बिंदु पर दी गई जानकारी से सवाल खडा होता है। थाना जेवर के प्रभारी निरीक्षक की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी ने तो कमाल ही कर दिया। थाना जेवर पुलिस ने जानकारी में कहा कि बिंदु संख्या 1 से बिंदु संख्या 2 तक आवदेक के द्वारा पूछे गए प्रश्न सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 4 (2)( ख ) व 4 के अंतर्गत काल्पनिक है, जिसका उत्तर दिया जाना संभव नही है। इसी तरह की जानकारी थाना रबूपुरा प्रभारी निरीक्षक की ओर से मुहैया कराई गई है। रबूपुरा पुलिस ने भी जानकारी में कह दिया है कि बिंदु संख्या 1 से बिंदु संख्या 2 तक आवदेक के द्वारा पूछे गए प्रश्न सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 4 (2)( ख ) व 4 के अंतर्गत काल्पनिक है, जिसका उत्तर दिया जाना संभव नही है।