पुलवामा के उन शहीदों की शहादत को सलाम। जय जवान, जय किसान, हम सबका भारत महान, तिरंगा देश की शान





एक तरफ पानी, एक तरफ तूफान, एक तरफ तार और कीलों की बाढ़, एक तरफ शब्दों का वार, एक तरफ कानून का वार, अन्नदाता खड़ा 56 इंची सीना ताने बीच मंझधार

 




चौधरी शौकत अली चेची

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60 साल का यतन, 6 साल में पतन, नोटबंदी, जीएसटी और फिर लॉकडाउन। देश की आर्थिक व्यवस्था सब चौपट। झूठ, गुमराह, नफरत चंद लोगों को छोड़कर सब की बर्बादी। रोजगार खत्म युवाओं का भविष्य खत्म। अन्नदाता की जिंदगी नरक और आपसी भाईचारा घर परिवार समाज में छोटे और बड़े तथा बुद्धिजीवियों का सम्मान खत्म। 40 करोड़ लोगों की गैस सब्सिडी खत्म। बहुत से लोगों की पेंशन आधी या खत्म, नौकरी पेशा लोगों के 35 श्रम कानून खत्म। अनाप.शनाप कानूनों से छोटे उद्योग धंधे व्यापार खत्म। कानूनों का दुरुपयोग, पावर का इस्तेमाल, सच की कुटाई, झूठ की वाहवाही चरम सीमा पर विदेश नीति धूमिल। एक तरफ पानी, एक तरफ तूफान, एक तरफ तार और कीलों की बाढ़, एक तरफ शब्दों का वार, एक तरफ कानून का वार, अन्नदाता खड़ा 56 इंची सीना ताने बीच मंझधार। सबका साथ, सबका विकास गया भाड़ में पूर्वजों की खून पसीने की कमाई उद्योगपतियों को बेची जा रही है पर्दे की आड़ में। नहीं है रोजगार, नही है आपस में प्यार। लेकिन अत्याचार, भ्रष्टाचार, महंगाई और मंदी की मार। हत्याएं, बलात्कार अपने पूरे शबाब पर, मोदी जी अड़े हुए हैं मन की बात पर। गोदी मीडिया अंधभक्त खड़े हैं निजी स्वार्थ पर। नींबू की तरह हर किसी को निचोड़ दिया। मौका देख जाति धर्म की आड में  न जाने किस.किस को जोड़ दिया। बुद्धिजीवी और विपक्ष के सर ठीकरा फोड़ दिया। एससी/एसटी/ ओबीसी का आरक्षण खत्म होने की कगार पर। जाति और धर्म का प्रोपेगेंडा हर तरफ से इस्तेमाल किया जा रहा है। खजाना खाली, रोजगार, आपसी प्रेम भाईचारा खत्म, ताली थाली और मोमबत्ती आदि जलाओ, पकौड़ा रोजगार, नाली से गैस, बत्तख से ऑक्सीजन आदि चमत्कारी योजनाएं लोगों के दिमाग को डाइवर्ट करने के लिए सुचारु रुप से समझाई जा रही हैं जो अभी तक किसी फिल्मों में सीन देखने को नहीं मिला है लेकिन सरकार  जो चल रही हैं फिल्मी स्टोरी जैसे ज्यादातर सीन दिखाई दे रहे हैं जो पावर में बैठे लोगों के लिए लाभदायक हैं। विश्वास करने वाले अंधभक्त आम जनता के लिए बर्बादी के दरवाजे खोल रहे हैं। गंजे कंघा बेच रहे हैं, अंधे चश्मा बेच रहे हैं, बीमार डॉक्टर हैं, फटे कपड़े वाला टेलर है, बुद्धिहीन ज्ञानी है। समझो लोगों सरकार जवानी, दुनिया आनी जानी है। सहनशीलता, इंसानियत, मान मर्यादा, भारतीय संस्कृति, संविधान इनकी रक्षा नहीं करना सबसे बड़ा पाप और बेईमानी है। आज 14 फरवरी है।  साल 2019 के फरवरी महीने की 14 तारीख ने देश को झकझोर कर रख दिया था। इस दिन हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी थी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए थे। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की थी। पुलवामा के उन शहीदों की शहादत को सलाम। जय जवान, जय किसान, हम सबका भारत महान, तिरंगा देश की शान।

लेखकः. चौधरी शौकत अली चेची भारतीय किसान यूनियन ( बलराज) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष  हैं।